राज्य के पूर्व सीएम येदियुरप्पा ने घोषणा की थी कि बीजेपी विधानमंडल के सत्र के दौरान विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों स्थान विरोध प्रदर्शन करेगी और राज्य में कांग्रेस पार्टी नीत गवर्नमेंट से अपनी चुनावी गारंटी लागू करने की मांग करेगी.
हाल में ही कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी ने जबरदस्त जीत के साथ अपनी गवर्नमेंट बनाई. कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस पार्टी ने लोगों से पांच गारंटी का वादा किया था. इसी को लेकर कर्नाटक में अब राजनीति तेज हो गई है. बीजेपी के बीएस येदियुरप्पा और सीएम सिद्धरमैया आमने-सामने हैं. कांग्रेस पार्टी ने बोला था कि पहले ही कैबिनेट की बैठक में यह पांच गारंटी लागू कर दिए जाएंगे. दूसरी ओर विपक्षी बीजेपी 5 गारंटी के बहाने कांग्रेस पार्टी की गवर्नमेंट पर हमलावर है. बीजेपी का स्पष्ट रूप से बोलना है कि गवर्नमेंट बने डेढ़ महीने हो गए हैं लेकिन अभी भी योजनाओं को लागू नहीं किया जा रहा.
येदियुरप्पा का प्रदर्शन का आह्वान
राज्य के पूर्व सीएम येदियुरप्पा ने घोषणा की थी कि बीजेपी विधानमंडल के सत्र के दौरान विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों स्थान विरोध प्रदर्शन करेगी और राज्य में कांग्रेस पार्टी नीत गवर्नमेंट से अपनी चुनावी गारंटी लागू करने की मांग करेगी. उन्होंने बोला था कि वह चार जुलाई से ‘विधानसौध’ में गांधी की प्रतिमा के सामने प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे. लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं से सड़कों पर उतरने का आह्वान करते हुए पूर्व सीएम ने बोला था कि कांग्रेस पार्टी को सत्ता में आए डेढ़ महीने हो चुके हैं, लेकिन गवर्नमेंट योजनाओं को लागू करने में लगातार देरी कर रही है.
सिद्धरमैया का जवाब
येदियुरप्पा पर पलटवार करते हुए सीएम सिद्धरमैया ने बोला कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता येदियुरप्पा को कांग्रेस पार्टी गवर्नमेंट से चुनावी गारंटी लागू करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करने का ‘‘कोई नैतिक अधिकार’’ नहीं है और उन्होंने इसे ‘‘राजनीतिक हथकंडा’’ करार दिया. सिद्धरमैया ने बोला कि कांग्रेस पार्टी ने अतीत में सत्ता में रहते हुए अपने चुनावी वादे पूरे किए हैं. उन्होंने बोला कि इस बार भी पार्टी ने चुनाव घोषणा पत्र में घोषित पांच गारंटी को लागू करने का फैसला लिया है. सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘उन्हें (येदियुरप्पा) कौन सा नैतिक अधिकार है? वह पार्टी के (प्रदेश) अध्यक्ष थे, फिर सीएम बने, क्या उन्होंने (भाजपा के) घोषणापत्र में किए गए वादों को लागू किया? नहीं, जब ऐसा मामला है, तो उनके पास क्या नैतिक अधिकार है? उनके पास कोई नैतिक अधिकार नहीं है.’’
क्या है पांच गारंटी
कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी की ‘पांच गारंटी’ के अनुसार सभी घरों को 200 यूनिट निःशुल्क बिजली देने की योजना ‘गृह ज्योति’, हर परिवार की स्त्री मुखिया को 2,000 रुपये मासिक सहायता देने की योजना ‘गृह लक्ष्मी’, गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के परिवार के प्रत्येक सदस्य को 10 किलोग्राम निःशुल्क चावल देने की योजना ‘गृह लक्ष्मी’, बेरोजगार स्नातक युवाओं के लिए हर महीने 3,000 रुपये और बेरोजगार डिप्लोमा धारकों (दोनों 18-25 उम्र वर्ग में) को दो वर्ष के लिए 1,500 रुपये देने की योजना ‘युवा निधि’ और सार्वजनिक परिवहन बसों में स्त्रियों के लिए निःशुल्क यात्रा की योजना ‘शक्ति’ शामिल हैं.