नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस). राजस्थान कांग्रेस पार्टी के नेता सचिन पायलट ने जहां अजमेर से जयपुर के लिए अपनी जन संघर्ष पद यात्रा प्रारम्भ की है, वहीं राजस्थान पार्टी प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने अपने तीन सह-प्रभारियों और राज्य इकाई की बैठक बुलाई है.
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बैठक में राजस्थान कांग्रेस पार्टी प्रमुख गोविंद सिंह डोतासरा, सह प्रभारी काजी मुहम्मद निजामुद्दीन, अमृता धवन और वीरेंद्र राठौड़ शामिल होंगे.
बैठक के दौरान, नेताओं से पायलट की जन संघर्ष यात्रा द्वारा दी गई चुनौती पर चर्चा किए जाने की आशा है.
सरकारी भर्ती परीक्षाओं में करप्शन और पेपर लीक के मामलों को उठाने के लिए पायलट ने गुरुवार को अजमेर से जयपुर तक 125 किलोमीटर की पद यात्रा (पैदल मार्च) प्रारम्भ की.
पांच दिवसीय यात्रा को रेगिस्तानी राज्य में जरूरी विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले पायलट द्वारा पार्टी नेतृत्व पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है.
मंगलवार को, जिस दिन पार्टी के पूर्व प्रमुख राहुल गांधी ने राजस्थान का दौरा किया, पायलट ने गहलोत को यह कहते हुए फटकार लगाई कि उनकी नेता वसुंधरा राजे हैं, न कि सोनिया गांधी.
जयपुर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, पायलट ने बोला था, यह तथ्य सीएम के धौलपुर में परसों दिए गए भाषण से साफ हो गया है.
पायलट ने गहलोत के उस बयान पर प्रश्न उठाया, जिसमें भाजपा नेताओं की प्रशंसा की, लेकिन पार्टी के अपने ही सांसदों और विधायकों की छवि खराब की.
रविवार को गहलोत ने बोला कि पूर्व सीएम वसुंधरा राजे और दो बीजेपी नेताओं, कैलाश मेघवाल और शोभरानी कुशवाहा ने उनकी गवर्नमेंट को बचाने में सहायता की.
गहलोत के बयान पर पायलट ने कहा, गहलोत को बताना चाहिए कि उनके बयान के दो चेहरे क्यों हैं. एक तरफ उनका बोलना है कि भाजपा गवर्नमेंट गिराने की प्रयास कर रही थी और दूसरी तरफ उनका बोलना है कि राजे उनकी गवर्नमेंट बचाने की प्रयास कर रही थीं, वह क्या बोलना चाहते है?
पायलट लगातार बीजेपी शासन में भ्रष्टाचारियों के विरूद्ध कार्रवाई नहीं होने का मामला उठा रहे हैं.