वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बोला कि राष्ट्र में उभरते उद्यमियों के विकास को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों से अगले 10 साल में गवर्नमेंट द्वारा दर्ज़ स्टार्टअप की संख्या बढ़कर 10 लाख होने की आशा है. राष्ट्र में वर्तमान में 1.57 लाख दर्ज़ स्टार्टअप हैं, जबकि 2016 में इनकी संख्या 450 थी. गवर्नमेंट ने नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्र में एक मजबूत परिवेश बनाने के इरादे से 16 जनवरी 2016 को स्टार्टअप इण्डिया पहल प्रारम्भ की थी.
सरकार की पात्रता शर्तों के अनुसार, स्टार्टअप इण्डिया पहल के अनुसार इकाइयों को ‘स्टार्टअप’ के रूप में मान्यता दी जाती है. ये इकाइयां स्टार्टअप इण्डिया कार्य योजना के अनुसार कर तथा गैर-कर प्रोत्साहन प्राप्त करने के लिए पात्र हैं. गोयल ने यहां भारत-इज़राइल व्यापार मंच की बैठक में कहा, ‘‘ हमारे पास दुनिया में तीसरा सबसे बड़े स्टार्टअप परिवेश है, जहां दर्ज़ स्टार्टअप की संख्या नौ सालों में 450 से बढ़कर आज 1.57 लाख हो गई है. अगले 10 सालों में, हम इसे 10 लाख तक ले जाने की आशा करते हैं.’’
मंत्री ने बोला कि यहां कंपनियों के लिए बड़े व्यवसायी अवसर उपस्थित हैं. हिंदुस्तान 1.4 अरब लोगों का विशाल घरेलू बाजार प्रदान करता है. इज़राइल के अर्थव्यवस्था एवं उद्योग मंत्री नीर एम। बरकत के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय इज़राइली व्यापार प्रतिनिधिमंडल, भारत-इज़राइल व्यापार मंच और भारत-इजराइल सीईओ मंच की बैठकों के लिए यहां आया हुआ है. दोनों पक्ष दोनों राष्ट्रों के बीच व्यापार और निवेश को और बढ़ावा देने के उपायों पर चर्चा कर रहे हैं. वे आर्थिक सहयोग, प्रौद्योगिकी योगदान और निवेश के अवसरों के नए रास्ते तलाश रहे हैं.
प्रतिनिधिमंडल में इज़राइली उद्यम और प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवा, कृषि प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण, रक्षा, आंतरिक सुरक्षा, जल प्रबंधन, रसद और खुदरा जैसे क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल हैं. हिंदुस्तान में इज़राइली निवेश बढ़ रहा है, विभिन्न इज़राइली कंपनियां अक्षय ऊर्जा, जल प्रौद्योगिकी, रक्षा और विनिर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही हैं. इसी तरह, भारतीय कंपनियों ने इज़राइल में जरूरी प्रगति की है, खासकर औषधि, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और बुनियादी ढांचा क्षेत्र में. हिंदुस्तान और इज़राइल के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2023-24 में घटकर 6.53 अरब अमेरिकी $ रह गया था जो 2022-23 में 10.77 अरब अमेरिकी $ था. हिंदुस्तान को अप्रैल 2000 से सितंबर 2024 की अवधि के दौरान इज़राइल से 32.7 करोड़ अमेरिकी $ का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्राप्त हुआ.