NCP नेता शरद पवार ने आज सुप्रिया सुले और प्रफुल्ल पटेल को NCP का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है. इसके बाद पवार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमें उन्होंने बताया कि एनसीपी के दो कार्यकारी अध्यक्ष चुने गए ताकि काम का बटवारा हो और हम देशभर में पहुंच सकें. उन्होंने बोला कि सुप्रिया सुले, प्रफुल पटेल, जिनको नयी जिम्मेदारी दी गई है उनका नाम सीनियर लोगों ने ही बताया.
अजित पवार को क्यों नहीं चुना गया?
शरद पवार ने इस दौरान बोला कि जंयन्त पाटिल महाराष्ट्र एनसीपी अध्यक्ष हैं. अजित पवार नेता विपक्ष हैं, विधामसभा में उनके पास पहले से जिम्मेदारी है. सुप्रिया सुले और प्रफुल्ल पटेल के पास कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं थी, वो समय देने के लिए राजी थे इसलिए उन्हें चुना गया. इस निर्णय से पार्टी में कोई नाराज नहीं है.
“2024 में पीएम फेस हमारा मामला नहीं”
इतना ही नहीं पवार ने आगे बोला कि 23 मई को पटना में हम विपक्ष के लोग मिलेंगे. इसको लेकर एक सुझाव आया है कि जिस राज्य में भाजपा मजबूत है, वहां विपक्ष सब मिलकर एक ही उम्मीदवार खड़ा करें. इस सुझाव पर पटना मीटिंग में चर्चा होगी. इस बैठक में क्या फाइनल होगा, ये नहीं बता सकता पर ये मामला चर्चा के लिए रहेगा. उन्होने बोला कि जो लोग बदलाव चाहते हैं, उनके लिए ये मीटिंग अहम होगी. शरद पवार ने इस दौरान बोला कि 2024 में पीएम कौन होगा, ये मामला हमारे सामने नहीं है. 1977 में मोरारजी देसाई को जैसे बनाया वैसे चुनाव नतीजों के बाद सोचा जाएगा.
अगला एनसीपी अध्यक्ष कौन होगा?
सुप्रिया सुले या प्रफुल्ल पटेल में से अगला एनसीपी अध्यक्ष कौन होगा? इस प्रश्न पर पवार ने बोला कि अभी स्थान खाली नहीं है, जब होगी तब देखेंगे. वहीं महाराष्ट्र में हिंसा की घटनाओं पर पवार ने बोला कि भाजपा केवल महाराष्ट्र नहीं देशभर में यही कर रही है. कर्नाटक में हनुमान का मामला उठाया. जनता ने स्वीकार नहीं किया. महाराष्ट्र में भी साम्प्रदायिक प्रचार स्वीकार नहीं होगा. सब फिजूल के गैरजरूरी मुड्डे उठाये जा रहें हैं.