बिहार के सीएम नीतीश कुमार कल जनता दल युनाइटेड (JDU) के प्रदेश और राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करने के लिए पटना स्थित पार्टी मुख्यालय पहुंचे थे. यहां उनके समर्थकों ने ‘देश का पीएम कैसा हो, नीतीश कुमार जैसा हो’ के नारे लगाए. इतना ही नहीं उनकी पार्टी ने अपने कार्यालय और पटना की सड़कों पर बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगवाए हैं, जिसके जरिए उनकी राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा को जनता तक ले जाने की प्रयास की जा रही है. इन बैनरों पर लिखा है- बिहार में दिखा, हिंदुस्तान में दिखेगा.
हालांकि, भाजपा से गठबंधन तोड़ने के बाद लगभग हर मौकों पर पत्रकारों ने उनसे पीएम कैंडिडेट को लेकर प्रश्न पूछे हैं और उन्होंने ऐसी संभावनाओं को खारिज कर दिया है. नीतीश स्वयं भले ही इसे इजहार नहीं कर रहे हों, लेकिन उनकी पार्टी उनकी सहमति के बिना ऐसा कोई कदम उठाएगी, इसकी आसार नहीं के बराबर है.
टीएमसी नेताओं ने बोला है कि उनकी पार्टी 2024 के लोकसभा चुनावों में अकेले उतरेगी और विपक्षी दलों को मिली सीटों की संख्या के आधार पर चुनाव के बाद गठबंधन पर विचार कर सकती है. जबकि बिहार के सीएम नीतीश कुमार और उनके तेलंगाना समकक्ष के चंद्रशेखर राव ने हाल ही में ‘भाजपा मुक्त भारत’ के लिए क्षेत्रीय दलों के बीच एकता बनाने के उपायों पर चर्चा की. तृणमूल कांग्रेस पार्टी का दावा है कि उन्हें ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं मिला है. टीएमसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुखेंदु शेखर रे ने बोला कि तृणमूल कांग्रेस पार्टी को किसी भी तरफ से विपक्षी एकता का कोई प्रस्ताव नहीं मिला है.
टीएमसी नेता ने द इकॉनोमिक टाइम्स से बात करते हुए कहा, “ममता बनर्जी 2019 से विपक्षी नेताओं से केंद्र गवर्नमेंट की जनविरोधी नीतियों के विरूद्ध एकजुट कदम उठाने का आग्रह कर रही थीं, लेकिन कुछ भी ठोस नहीं निकला. यही कारण है कि टीएमसी ने 2024 का लोकसभा चुनाव अकेले जाने का निर्णय किया है. हां, चुनाव के बाद गठबंधन पर विचार कर सकते हैं. यह विपक्षी दलों द्वारा हासिल की जाने वाली सीटों की संख्या पर निर्भर करता है.”
आपको बता दें कि जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने सीएम को विपक्षी दलों को एकजुट करने के लिए अधिकृत कर दिया. इस मौके पर सीएम ने बोला कि बीजेपी राष्ट्र के माहौल को खराब कर रही है. बीजेपी के लोग प्रदेश में सांप्रदायिक एवं सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने का कार्य करेंगे, हम सभी को पंचायत स्तर तक पूरी सावधानी बरतनी है. बैठक में पार्टी पदाधिकारियों ने सीएम से बोला कि वे पीएम के सबसे योग्य उम्मीदवार हैं. राष्ट्र आपका इन्तजार कर रहा है. इस पर सीएम ने बोला कि मेरे लिये पद जरूरी नहीं है. न ही मेरी ऐसी कोई ख़्वाहिश है. मैं देशभर के विपक्षी दलों को एकजुट करने में लगा हूं. सबसे जरूरी यही है. नेता का चयन सभी पार्टियां मिलकर ही करेंगी.