कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कांग्रेस पार्टी नेताओं को अयोध्या जाने के लिए हरी झंडी दिखा दी है। सूत्रों के हवाले से जो खबरें सामने आ रही हैं उनके मुताबिक मल्लिकार्जुन खरगे ने बोला कि मंदिर दर्शन करने के लिए कोई कभी भी जा सकता है। खरगे से हरी झंडी मिलने के बाद अब कांग्रेस पार्टी नेता 22 जनवरी से पहले ही अयोध्या रामलला के दर्शन के लिए जा सकते हैं।
अयोध्या नहीं जाने वाला हिंदू विरोध नहीं
गौरतलब है कि इससे पहले कांग्रेस पार्टी नेता शशि थरूर ने बोला था कि अयोध्या के मसले का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। धर्म लोगों का निजी विषय है, इसलिए यदि कोई अयोध्या नहीं जाता है तो उसे हिंदू विरोध नहीं बोलना चाहिए और ना ही जाने वाले को भाजपा के साथ खड़ा मानना चाहिए। थरूर ने यह भी बोला था कि अयोध्या जाने या ना जाने से लोकसभा चुनाव पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा, बेवजह इस मामले को सियासी रंग दिया जा रहा है।
शशि थरूर ने कहा-राजनीतिकरण ना हो मामले का
शशि थरूर चाहे जो भी कहें, लेकिन सच्चाई क्या है इससे पार्टी वाकिफ है और उसी के आधार पर मल्लिकार्जुन खरगे ने कांग्रेस पार्टी नेताओं को अयोध्या जाने की अनुमति दे दी है। ज्ञात हो कि कांग्रेस पार्टी की छवि हिंदू विरोधी पार्टी की बन गई है और इस इमेज को तोड़ने के लिए पार्टी 2014 से संघर्ष कर रही है। पार्टी जितना ही इस इमेज को तोड़ने की प्रयास करती है, उसकी स्थिति और भी बुरी हुई है। 2014 के चुनाव में कांग्रेस पार्टी को केवल 44 सीट मिली थी जबकि 2019 में 52 सीट मिली थी।
एके एंटनी ने कहा था- हिंदू विरोधी बन गई है कांग्रेस पार्टी की
2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को मिली हार के बाद मंथन चला। कांग्रेस पार्टी की गवर्नमेंट में रक्षा मंत्री रहे एके एंटनी ने उस समय यह बोला था कि पार्टी की छवि हिंदू विरोधी की बन गई है, इसलिए पार्टी की लोकसभा चुनाव में यह दुर्गति हुई। यदि कांग्रेस पार्टी को सत्ता में आना है तो उसे अपनी छवि बदलनी होगी और अल्पसंख्यकों के साथ ही उसे बहुसंख्यकों की पसंद भी बनना पड़ेगा। एके एंटनी ने बोला था कि पार्टी को मुसलमान तुष्टिकरण की नीति छोड़नी होगी और हिंदुओं के साथ खड़े होना होगा।
सोनिया गांधी को भी मिला है निमंत्रण पत्र
लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारी प्रारम्भ हो गई है और निश्चित तौर पर कांग्रेस पार्टी इस बार कुछ बेहतर प्रदर्शन की आशा में है, इसलिए वह हिंदुओं को नाराज करने की गलती नहीं करना चाहेगी और इसी लिहाज से कांग्रेस पार्टी ने अयोध्या मुद्दे में अपना स्टैंड क्लियर करते हुए पार्टी के नेताओं को वहां जाने की अनुमति दे दी है। मंदिर ट्रस्ट की ओर से कांग्रेस पार्टी के बड़े नेताओं को निमंत्रण पत्र भी भेजा गया है, जिसमें सोनिया गांधी भी शामिल हैं। 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर का प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम आयोजित है, जिसकी तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं और निमंत्रण पत्र बांटा जा रहा है। प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।