Rajnath Singh: भारतीय जनता पार्टी के नेता और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सीमा टकराव के बीच रविवार को बोला कि हिंदुस्तान ने कभी किसी राष्ट्र को हानि पहुंचाने की प्रयास नहीं की है, लेकिन यदि कोई उस पर बुरी नजर डालने का कोशिश करता है, तो मुंहतोड़ उत्तर दिया जाएगा. रक्षा मंत्री ने एक डिजिटल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बोला कि सीमाओं पर कड़ी नज़र रखी जा रही है और राष्ट्र सभी चुनौतियों से निपटने को तैयार है. उन्होंने कहा, ‘‘भारत एक शांति-प्रेमी देश है, जिसने कभी किसी राष्ट्र को हानि पहुंचाने की प्रयास नहीं की, लेकिन यदि राष्ट्र का अमन चैन बिगाड़ने का कोई कोशिश हुआ तो मुंहतोड़ उत्तर दिया जाएगा.’’
‘सैनिक निस्वार्थ रेट से मातृभूमि की सेवा करते हैं’
रक्षा मंत्री ने बोला कि सशस्त्र बलों को स्वदेशी अत्याधुनिक हथियारों से सुसज्जित करके सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना गवर्नमेंट की शीर्ष अहमियत है. उन्होंने देशवासियों से सांप्रदायिक बंधनों से पार जाकर प्रत्येक भारतीय सैनिक तथा स्वतंत्रता सेनानी में पाए जाने वाले राष्ट्रीय गौरव एवं देशभक्ति के गुणों को आत्मसात करके देश निर्माण में सहयोग देने का आग्रह भी किया वह गैर सरकारी संगठन ‘मारुति वीर जवान ट्रस्ट’ द्वारा आयोजित ‘शहीदों को सलाम’ कार्यक्रम को डिजिटल माध्यम से संबोधित कर रहे थे. उन्होंने बोला कि सशस्त्र बलों के जवान क्षेत्र, धर्म, जाति और भाषा के बंधनों से ऊपर उठकर नि:स्वार्थ रेट से मातृभूमि की सेवा करते हैं और लोगों को विभिन्न खतरों से सुरक्षित रखते हैं. सिंह ने बोला कि उसी तरह से हमारे क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानियों ने राष्ट्र की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी.
‘देश की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी’
रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘हमारे स्वाधीनता सेनानियों और बहादुर सैनिकों के आदर्शों एवं संकल्पों को आगे बढ़ाना प्रत्येक भारतीय नागरिक का कर्तव्य है. राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है.’’ देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर स्वतंत्रता सेनानियों और सशस्त्र बलों के जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए सिंह ने कहा, ‘‘हमें एक मजबूत, समृद्ध और आत्मनिर्भर ‘नए भारत’ के निर्माण में अपनी किरदार निभानी है.’’
‘शहीदों के परिवार की सहायता राष्ट्रीय जिम्मेदारी’
रक्षा मंत्री ने शहीदों के परिवार के सदस्यों की सहायता करने को राष्ट्रीय जिम्मेदारी करार दिया. उन्होंने बोला कि गवर्नमेंट सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मियों के परिजनों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने परिवार को किसी सैनिक की सबसे बड़ी ताकत और आधार स्तंभ बताया और बोला कि गवर्नमेंट इसे मजबूत करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है. सिंह ने बताया कि गृह मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान, ‘भारत के वीर’ नाम का कोष प्रारम्भ किया गया था, जो केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के जवानों और कर्मियों के परिवारों की सहायता करने के उद्देश्य से लिए गए उनके प्रमुख निर्णयों में से एक था.
‘सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना सर्वोच्च प्राथमिकता’
रक्षा मंत्री ने बताया, ‘‘हाल ही में, रक्षा मंत्रालय ने ‘मां भारती के सपूत’ वेबसाइट प्रारम्भ की है, ताकि लोग ‘सशस्त्र बल युद्ध हताहत कोष’ में अधिक सहयोग कर सकें.’’ सिंह ने बोला कि सशस्त्र बलों को स्वदेशी अत्याधुनिक हथियारों/उपकरणों से लैस करके राष्ट्र के सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना गवर्नमेंट की सर्वोच्च अहमियत है. उन्होंने बोला कि रक्षा क्षेत्र में जल्द ही पूर्ण ‘आत्मनिर्भरता’ हासिल करने के लिए ‘मेड इन इंडिया’ युद्धपोत और अन्य उपकरणों को शामिल करना इस संकल्प को दर्शाता है.