पशुपालन और डेयरी विभाग, हिंदुस्तान गवर्नमेंट ने आज श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र की ग्रीष्मकालीन बैठक और “विश्व दुग्ध दिवस” समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया. इस दो दिवसीय कार्यक्रम में गुजरात के पशुपालन मंत्री राघवजीभाई पटेल ने वरिष्ठ ऑफिसरों के साथ भाग लिया. केंद्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्री परसोत्तमभाई रूपाला की अध्यक्षता में आयोजित विश्व दुग्ध दिवस कार्यक्रम और समर मीट के इस कार्यक्रम में राष्ट्र के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पशुपालन और डेयरी विभागों के मंत्री भी उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम में मंत्री राघवजीभाई पटेल ने शिखर सम्मेलन में सीएम भूपेंद्रभाई पटेल के नेतृत्व में राज्य के पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में हो रहे लगातार विकास का ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने 1940 से अब तक “अमूल पैटर्न” पर सहकारी डेयरी संरचना के विकास की उपलब्धियों और स्त्रियों के सहयोग के बारे में सभी को अवगत कराया. मंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमितभाई शाह के नेतृत्व में पीएम नरेंद्रभाई मोदी के विजन से केंद्र गवर्नमेंट में स्थापित सहकारिता मंत्रालय सहकारी डेयरी क्षेत्र में नए आयाम हासिल करेगा।
मंत्री पटेल ने आगे बोला कि हिंदुस्तान गवर्नमेंट के योगदान से राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अनुसार साल 2022-23 में गुजरात में 16 लाख मवेशियों का खारवा-मोवासा टीकाकरण, सीमन डोज का इस्तेमाल कर पैदा हुए 92 फीसदी बछड़ों/बछड़ों का उत्पादन किया गया. राज्य में राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अन्तर्गत स्थापित प्रयोगशाला में 21 एवं जिलों में क्रियान्वित देशव्यापी कृत्रिम गर्भाधान जैसे विभिन्न कार्यक्रमों के अन्तर्गत तुलनात्मक कार्य किया जा रहा है. इसके अलावा, मंत्री ने लगभग 1.20 लाख पशुपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड प्रदान करने और 127 नए चल पशु चिकित्सालयों के लिए हिंदुस्तान गवर्नमेंट से प्राप्त समर्थन का उल्लेख किया.
इसके अलावा, मंत्री ने पशुधन स्वास्थ्य और रोग नियंत्रण, पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में विभिन्न कार्यक्रमों के लिए हिंदुस्तान गवर्नमेंट से प्राप्त सहायता और मार्गदर्शन के लिए राज्य गवर्नमेंट की ओर से हिंदुस्तान गवर्नमेंट को धन्यवाद दिया.
मवेशियों के टीकाकरण के लिए केंद्र गवर्नमेंट द्वारा आपूर्ति की जाने वाली विभिन्न टीकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अनुसार पशुपालन और डेयरी विकास योजनाओं को शामिल करना, राज्य में राष्ट्रीय या क्षेत्रीय स्तर पर डेयरी अनुसंधान संस्थान की क्षमता को ध्यान में रखते हुए प्रारम्भ करना गुजरात के पशुधन, दुग्ध उत्पादन और प्रसंस्करण के लिए मंत्री ने केंद्र गवर्नमेंट से निवेदन किया.