यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने ऑफिसरों को राज्य भर में गैर कानूनी झुग्गियों में रहने वाले लोगों का सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया है. सर्वेक्षण में सरकारी आवास के लिए पात्र लोगों की पहचान की जाएगी और शहरी विकास विभाग, विकास प्राधिकरण, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के समन्वय से किया जाएगा. सीएम ने निर्देश दिए कि वहां छिपे असामाजिक तत्वों के साथ-साथ सरकारी जमीन पर इन झुग्गियों को बनाने वाले माफिया और सरकारी कर्मचारियों की पहचान के लिए भी अभियान चलाया जाएगा.
राज्य गवर्नमेंट के एक प्रवक्ता के अनुसार, सीएम ने बोला कि गरीबों की जरूरतों का लाभ उठाकर सरकारी जमीन पर गैर कानूनी बस्तियां बनाने वाले मास्टरमाइंड की संपत्ति को बरामद करने की कार्रवाई की जानी चाहिए.
उन्होंने बोला कि ऐसे मास्टरमाइंड की संपत्तियों पर ध्यान देने के बाद ऊंची इमारतों का निर्माण किया जाना चाहिए.
इस कवायद को लखनऊ में एक पायलट परियोजना के रूप में प्रारम्भ किया जाएगा.
लखनऊ में गोमती नदी के किनारे गैर कानूनी रूप से रह रहे लोगों की जानकारी विभिन्न विभागों के ऑफिसरों को देने को बोला गया है.
योगी आदित्यनाथ ने कहा, सर्वे जल्द से जल्द किया जाना चाहिए. जिन लोगों को पहले से ही आवास प्रदान किया गया है, लेकिन वे अभी भी गैर कानूनी कब्जे में हैं, उनकी पहचान की जानी चाहिए.
उन्होंने बोला कि ऐसे व्यक्तियों की सूची तैयार की जानी चाहिए, जिनका लखनऊ या यूपी से कोई संबंध नहीं है और वे अभी भी यहां गैर कानूनी रूप से रह रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने बोला कि सर्वे पूरा होने के बाद बेहतर सुविधाएं देने, बाजार और पार्क स्थापित करने और उनके बच्चों के लिए विद्यालय की प्रबंध करने के लिए ऊंची इमारतों का निर्माण किया जाएगा.
उन्होंने गैर कानूनी बस्तियां बसाने में माफिया की सहायता करने वाले विभागीय कर्मियों की पहचान करने को बोला है.
योगी ने इस पहल का नेतृत्व करने के लिए जिलाधिकारी को निर्देश दिए हैं.
उन्होंने बोला कि सर्वे निर्धारित समय के भीतर पूरा किया जाना चाहिए, ऐसे लोगों के पुनर्वास के लिए एक पूरी योजना तैयार की जानी चाहिए.(आईएएनएस)