हरियाणा में जननायक जनता पार्टी से गठबंधन टूटने के बाद नायब सिंह सैनी के मुख्यमंत्री बनने से पूर्व गृह मंत्री अनिल विज नाराज हैं. उन्होंने मंगलवार को बोला कि उन्हें राज्य नेतृत्व में परिवर्तन की कोई पूर्व सूचना नहीं थी. जब विधायक की बैठक में यह निर्णय सुनाया गया तो ऐसा लगा मानो मेरे ऊपर बम गिर गया हो. कैबिनेट में शामिल होने की ख़्वाहिश को लेकर विज ने बोला कि यह एक काल्पनिक प्रश्न है. सूत्रों का बोलना है कि केंद्रीय नेतृत्व के कई नेताओं ने भी विज को मनाने की प्रयास की लेकिन वह नहीं माने. वह आज कैबिनेट विस्तार में भी शामिल नहीं थे. हालांकि, इससे पहले 12 मार्च को जब खट्टर के इस्तीफे के बाद सैनी राज्य के नए सीएम बने थे, तब मंत्रियों की सूची में विज का नाम भी था.
अनिल विज मंगलवार दोपहर अंबाला कैंट स्थित आवास से चंडीगढ़ स्थित हरियाणा विधानसभा पहुंचे. यहां मीडिया को संबोधित करने के बाद वह सीधे स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता के कार्यालय पहुंचे. तब तक स्पीकर कार्यालय नहीं आये थे. विज ने उन्हें टेलीफोन करके जानकारी दी और थोड़ी देर बाद स्पीकर भी आ गए. विज 12 मार्च से नाराज चल रहे हैं. इस घटना के बाद विज ने स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता को 2 बार टेलीफोन किया और उन्हें विधानसभा की समितियों में सदस्य के तौर पर शामिल करने का आग्रह किया. स्पीकर ने उन्हें अभी तक किसी भी कमेटी में शामिल नहीं किया है. यही वजह है कि वह मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष से मिलने विधानसभा पहुंचे. यहां दोनों नेताओं ने चाय पी और वार्ता की. माना जा रहा है कि अब विज को विधानसभा की कमेटियों में शामिल किया जाएगा.