Congress Crisis: कांग्रेस की जम्मू और कश्मीर इकाई को रविवार को एक और बड़ा झटका लगा. पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री ताज मोहिउद्दीन ने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी और गुलाम नबी आजाद के नेतृत्व वाले मोर्चे में शामिल हो गए. हालांकि, मोहिउद्दीन ने साफ किया कि आजाद के नेतृत्व वाला समूह बीजेपी (भाजपा) के साथ कोई समझौता नहीं करेगा लेकिन नेशनल कांफ्रेंस या पीडीपी के साथ गठबंधन करेगा. मोहिउद्दीन ने यहां प्रेस वार्ता में बताया, “ आज, मैंने कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष और महासचिव और अन्य को पत्र लिख कर बोला कि मैं कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता सहित उन सभी पदों से इस्तीफा दे रहा हूं जो मेरे पास थे.” उन्होंने बोला कि वह आजाद के नेतृत्व वाली पार्टी में शामिल होंगे.
“आजाद के मोदी से संबंध निजी हैं, सियासी नहीं”
घोषणापत्र में करेंगे अनुच्छेद 370 बहाली का जिक्र
मोहिउद्दीन ने कहा, “मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हमारा बीजेपी से कोई रिश्ता नहीं है और मैं अल्लाह की कसम खाता हूं. हम धर्मनिरपेक्ष हैं और किसी भी तरह से गैर-धर्मनिरपेक्ष पार्टी के साथ कोई संबंध नहीं रख सकते हैं.” उरी के पूर्व विधायक ने बोला कि यदि चुनाव के बाद गठबंधन की आवश्यकता पड़ी तो वे नेशनल कॉन्फ्रेंस या पीडीपी के साथ गठबंधन करेंगे. उन्होंने बोला कि उनके घोषणापत्र में चार अगस्त 2019 की स्थिति को बहाल करने का जिक्र होगा जब जम्मू और कश्मीर पूर्ण राज्य था और संविधान के अनुच्छेद 370 के अनुसार उसकी विशेष स्थिति थी. मोहिउद्दीन ने बोला कि कांग्रेस पार्टी की जम्मू और कश्मीर इकाई के प्रमुख नेता आजाद के साथ आ चुके हैं और जो कांग्रेसी नेता अन्य दलों में शामिल हुए थे, वे भी उनके साथ आ जाएंगे. उन्होंने कहा, “अब यहां कांग्रेस में कुछ नहीं बचा है. कांग्रेस पार्टी अब दो या तीन सीट ही जीत सकती है.”