Diya Kumari Take Oath of Deputy CM: राजस्थान को आज नयी गवर्नमेंट मिल गई और मंत्री परिषद के सदस्य के रूप में दीया कुमारी ने शपथ ली और इसके साथ ही दीया कुमारी राजस्थान की छठी उपमुख्यमंत्री बन गई। इस दौरान पीएम मोदी ने सबका उत्साहवर्धन किया।राजस्थान की नवनिर्वाचित गवर्नमेंट का शपथ ग्रहण समारोह
कौन है दीया कुमारी
दीया कुमारी जयपुर के पूर्व राजघराने की राजकुमारी है, उन्हें पार्टी ने जयपुर की विद्याधर नगर सीट से उम्मीदवार बनाया था, और उन्होंने सबसे बड़ी जीत दर्ज की। दीया दिवंगत महाराजा सवाई भवानी सिंह और महारानी पद्मिनी देवी की बेटी और मान सिंह द्वितीय और महारानी गायत्री देवी की पोती हैं।
-जयपुर के शाही परिवार की राजकुमारी
-राजपूत समाज से आती हैं
-2019 में राजसमंद से लोकसभा चुनाव जीता
-विद्याधर नगर सीट से MLA का चुनाव जीता
-कांग्रेस के दिग्गज नेता सीताराम अग्रवाल को हराया
-सीताराम अग्रवाल को 71,368 वोटों से हराया
दीया कुमारी का राजनीतिक सफर
दीया कुमारी का पॉलिटिकल केवल 10 वर्षों का है, वर्ष 2013 में तत्कालीन सीएम वसुंधरा राजे ही दीया कुमारी को राजनीति में लेकर आई, 2013 में बीजेपी ने दीया कुमारी को सवाई माधोपुर से टिकट दिया और उन्होंने जीत हासिल की। वर्ष 2018 के चुनाव में दीया कुमारी का टिकट भाजपा ने काट दिया, लेकिन वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में उन्हें सांसद का टिकट थमाया और राजसमंद भेज दिया। दीया कुमारी ने राजसमंद से चुनाव लड़ा और जीतकर लोकसभा पहुंची, अब पार्टी ने उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाकर राजस्थान में बड़ी जिम्मेदारी सौंप है।
दीया कुमारी की शादी
उन्होनें किसी राजा के बजाय अपने पिता के पास काम करने वाले हल्की वर्कर नरेन्द्र सिंह से 1997 में प्रेम शादी किया था। गौत्र एक होने के कारण इन दोनों की विवाह को समाज द्वारा काफी विरोध सहना पड़ा। इसके बाद भी वो इस बंधन में बंधे। इसके कारण उनके पिता को कफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्हें इस विरोध के कारण राजपुत सभा के अध्यक्ष पद से हटाया गया। लेकिन ये विवाह अधिक समय तक नहीं टीक पाई और 2018 में राजकुमारी दीया और नरेंद्र सिंह का तलाक हो गया। दीया और नरेंद्र सिंह की कुल तीन संतानें हैं, जिसमें दो बेटे पद्मनाभ सिंह, लक्ष्यराज सिंह और एक बेटी गौरवी है।
दीया कुमारी की शिक्षा
दीया कुमारी ने अपनी पढ़ाई मॉडर्न विद्यालय (नई दिल्ली), जी।डी। सोमानी मेमोरियल स्कूल, मुंबई और महारानी गायत्री देवी गर्ल्स पब्लिक स्कूल, जयपुर में पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने लंदन में डेकोरेटिव आर्ट्स का कोर्स किया।राजघराने में गायत्री देवी के समय से ही राजनीति में शामिल होने की परंपरा रही है।