Lok sabha Election result 2024 Date: हिंदुस्तान के दक्षिण में स्थित और दक्कन के पठार पर बसा ऐतिहासिक धरोहर से समृद्ध और खनिज संपदा से परिपूर्ण ‘तेलंगाना’ राज्य अपना स्थापना दिवस इंकार रहा है। बहुत वर्षों की प्रयास और आंदोलन के बाद आज से ठीक 10 वर्ष पहले 2 जून 2014 को तेलंगाना, आंध्र प्रदेश से अलग होकर हिंदुस्तान का 28वां राज्य बना था। 1 जून, शनिवार को लोकसभा चुनाव 2024 के आखिरी चरण के मतदान के बाद आए एग्जिट पोल में तेलंगाना में भाजपा गठबंधन को 17 सीट मिलने की संभवना जताई गई है। पिछले लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा को 4 सीटों पर जीत मिली थी। यदि एग्जिट पोल के नतीजे सच साबित होते हैं तो भाजपा के लिए यह बड़ी उपलब्धि होगी।
टुडेज चाणक्य एग्जिट पोल के अनुसार, लोकसभा की 17 सीटों वाले तेलंगाना भाजपा गठबंधन को 12 सीटों पर जीत मिलने का अनुमान जाहिर किया गया है। कांग्रेस पार्टी को 4-5 और अन्य के खाते में एक सीट आ सकती है।
टाइम्स नाउ ईटीजी के एग्जिट पोल में भाजपा को 17 में से 9 सीट मिलने की बात कही गई है। 6-7 सीटों पर कांग्रेस पार्टी जीत सकती है। एआईएमआईएम के खाते में एक सीट जा सकती है। बीआरएस का खाता नहीं खुलने की बात कही जा रही है। वहीं इण्डिया टीवी-सीएनएक्स ने भाजपा के पक्ष में 8-10 सीटें जाने का दावा किया है।
कांग्रेस के दावे फेल
तेलंगाना में कांग्रेस पार्टी को बड़ी आशा थी। विधानसभा में बहुमत हासिल करने के बाद कांग्रेस पार्टी लोकसभा चुनाव में जीत का बड़ा दावा कर रही थी। तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने 17 में 15 सीटों पर कांग्रेस पार्टी की जीत की दावा किया था। लेकिन एग्जिट पोल कुछ और ही भाषा कह रहे हैं।
तेलंगाना की सबसे हॉट सीट हैदराबाद पर फिर से असदुद्दीन ओवैसी की वापसी की बात कही जा रही है। यहां ओवैसी के सामने भाजपा ने माधवी लता को खड़ा किया था। हालांकि,माधवी लता ने ओवैसी से जोरदार लोहा लिया, लेकिन एग्जिट पोल में उनकी हार बताई जा रही है।
2019 का लोकसभा चुनाव और तेलंगाना
तेलंगाना में 2019 के लोकसभा चुनाव में हिंदुस्तान देश समिति- (Bharat Rashtra Samithi- BRS) ने 17 में से 9 सीटों पर जीत हासिल की थी। बीजेपी के खाते में 4 सीट आई थीं। कांग्रेस पार्टी ने 3 सीटों पर कब्जा किया था और ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM) को बस एक सीट मिली थी।
केरल में खुलेगा भाजपा का खाता
केरल में लोकसभा की 20 सीट हैं। केरल में भाजपा ने आजतक कोई सीट नहीं जीती है। एग्जिट पोल में इस बार केरल में भाजपा का खाता खुलने की बात कही जा रही है। चाणक्य एग्जिट पोल में केरल में कांग्रेस पार्टी गठबंधन-यूडीएफ (यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट) को 15 सीट मिलने की बात कही जा रही है। भाजपा को यहां 4 सीट मिल सकती हैं। लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट- एलडीएफ के खाते में एक सीट आने की आसार जताई जा रही है। यदि एग्जिट पोल ठीक साबित होते हैं कि केरल में भाजपा इतिहास रचने जार रही है।
केरल में 8 में से 5 एग्जिट पोल में भाजपा नीत एनडीए को 1 से 3 सीट मिलने का अनुमान जताया गया है। ये सभी सीटें बीजेपी के खाते में जा सकती हैं। यदि एग्जिट पोल के नतीजे ठीक साबित हुए, तो बीजेपी इस बार केरल में इतिहास बनाएगी।
केरल में इस बार कांग्रेस पार्टी की प्रतिनिधित्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट- यूडीएफ, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की प्रतिनिधित्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट- एलडीएफ और भाजपा के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस-एनडीए के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला है।
केरल में 2019 का लोकसभा चुनाव
केरल में पिछली बार कांग्रेस पार्टी 16 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और 15 सीटों पर जीत हासिल की थी। जबकि कांग्रेस पार्टी नीत गठबंधन यूडीएफ ने 19 सीटों पर जीत हासिल की थी। इसमें भारतीय मुसलमान लीग को 2 सीट और अन्य सहयोगियों को 2 सीट मिली थीं। सीपीआई-एम के कब्जे में एक सीट आई थी। 2019 के चुनाव में भाजपा को 15.6 प्रतिशत वोट मिले थे, लेकिन सीट नहीं मिली।