बिहार विधानसभा बजट सत्र चल रहा है। इसी दौरान जब विरोधी दल के तरफ से कुछ ऐसे मुद्दे सामने आया, जिसका उत्तर देते समय विभागीय मंत्री विरोधी दल को संतुष्ट नहीं कर सके, तो मोर्चा स्वयं सीएम ने संभाल लिया और अपने उत्तर से पूरे सदन को संतुष्ट कर दिया।
दरअसल बजट सत्र चल रहा है और शायद ही कोई ऐसा दिन बीता हो जब सदन में सत्ताधारी दल और विरोधी दल में बयानबाजी के तीर ना चले हो खासकर जब मामला सवाल-जवाब का हो। कई ऐसे प्रश्न भी सदन में आते है जब सत्ताधारी दल के मंत्री को उत्तर देने में पसीना छूट जाते है। कुछ ऐसी ही तस्वीर दिखी सोमवार को बजट सत्र में जब भाजपा विधायक नीतीश मिश्रा ने खेल कोटा में नियुक्ति का ब्योरा गवर्नमेंट से मांग लिया। इस प्रश्न पर विभागीय मंत्री विजेंद्र यादव उत्तर देने उठे तो वो अपने उत्तर से भाजपा विधायक को संतुष्ट नहीं कर पाए जिसके बाद भी भाजपा विधायक लगातार प्रश्न पूछते रहे।
जाहिर है भाजपा विधायक जब मंत्री के उत्तर से संतुष्ट नहीं हुए और लगातार प्रश्न करते रहे तो मोर्चा सम्भालने स्वयं नीतीश कुमार को उठना पड़ा। सदन मे मंत्री की स्थान उत्तर देने, लेकिन नीतीश कुमार को वो प्रश्न ही नहीं मिला जिस प्रश्न का उत्तर देना था वो लगातार पन्ने पलटते रहे। वहीं प्रभारी मंत्री ने नीतीश कुमार को प्रश्न खोजने में सहायता की और जब उत्तर देने उठे तो उन्होंने भाजपा विधायकों के तरफ मुखातिब होकर अटल जी के शासन काल की याद भाजपा विधायकों को दिलाते हुए मुख्यमंत्री ने बोला मैं सुन रहा था। आप का प्रश्न मैं स्वयं अटल जी गवर्नमेंट मे मंत्री रहते हुए इस की आरंभ किया था कब हुआ था जरा देख लीजिये—
हालांकि मुख्यमंत्री जब उत्तर देने उठे थे उस समय प्रभारी मंत्री दूसरे प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। मुख्यमंत्री ने उस प्रश्न पर बगल में बैठे मंत्री से बोला कि प्रश्न दिखाए जिस पर मंत्री विजय चौधरी ने पन्ना पलटते हुए प्रश्न दिखाए हालांकि जिस प्रश्न को उस समय उठाया गया था। उस समय अनिल कुमार का प्रश्न चल रहा था। जिस पर भाजपा विधायक नंदकिशोर यादव ने मुख्यमंत्री को टोका की यह प्रश्न दूसरा है। फिर मुख्यमंत्री ने बोला कि आपका जो प्रश्न हैं इस पर भी गौर करवाते हैं जो बहुत जरूरी बताया जा रहा है।
दरअसल नीतीश कुमार ने जिस प्रश्न को दिखवा लेने की बात नहीं, वो बहुत जरूरी बताया जा रहा है और वो प्रश्न था बिहार पुलिस बल मे बहाली के लिए अत्यंत पिछड़ा वर्ग अनुसूचित जाति एवं जन-जाति स्त्री अभ्यार्थीयों के न्यूनतम उच्चाई मे 5 सेंटीमीटर छूट से जुड़ा हुआ था, जिस पर मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया की उस पर गौर किया जाएगा।