भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सदानंद म्हालू शेत तानवड़े ने अवांछित स्पैम, फर्जी ऑडियो और वीडियो कॉल से जुड़े साइबर फर्जीवाड़ा के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई. उन्होंने पर्सनल डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गवर्नमेंट से तुरन्त हस्तक्षेप की मांग की.राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान यह मामला उठाते हुए बीजेपी सदस्य ने बोला कि फर्जीवाड़ा वाली कॉल, साइबर घोटाले की बढ़ती घटनाएं भारतीय नागरिकों की निजता, सुरक्षा और वित्तीय कल्याण के लिए गंभीर खतरा बन गई हैं. इसके साथ ही व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया मंचों के जरिए अवांछित स्पैम कॉल, फर्जीवाड़ा वाले ऑडियो, वीडियो कॉल, ईमेल, एसएमएस और फिशिंग वेबसाइटों के जरिए भेजे जाने वाले भ्रामक संदेशों में तेजी से वृद्धि हुई है.
तानवड़े ने बोला कि इस तरह की फर्जीवाड़ा की गतिविधियों को ऐसे व्यक्तियों द्वारा अंजाम दिया जा रहा है, जो स्वयं को वैध वित्त संस्थानों, सरकारी एजेंसियों और कानून प्रवर्तन ऑफिसरों के रूप में पेश करते हैं. नतीजतन, हजारों बेगुनाह नागरिकों ने अपनी मेहनत की कमाई खो दी है और कई लोग डिजिटल फर्जीवाड़ा के शिकार हो रहे हैं. एक विशेष रूप से घातक पहलू यह है कि धोखेबाजों के पास अक्सर पीड़ितों के व्यापक पर्सनल विवरण होते हैं.भाजपा सदस्य ने बोला कि इससे डेटा गोपनीयता और डेटा ब्रोकरों और टेलीमेडिसिन मार्केटर्स द्वारा अनधिकृत पहुंच और पर्सनल जानकारी की बिक्री के बारे में गंभीर चिंताएं पैदा होती हैं. स्पैमर और धोखेबाज गैरकानूनी रूप से विभिन्न माध्यमों से टेलीफोन नंबर और पर्सनल विवरण प्राप्त करते हैं, जिसमें डेटा हार्वेस्टिंग, डेटा माइनिंग और थर्ड पार्टी या डेटा बैंक रखने वाली कंपनियों से साइबर-रेडीमेड डेटा खरीदना शामिल है.
निजता का अधिकार और डेटा सुरक्षा एक मौलिक अधिकार है और यह महत्वपूर्ण है कि गवर्नमेंट नागरिकों को डेटा दुरुपयोग और अवांछित कॉल से बचाने के लिए कार्रवाई करे. उन्होंने गवर्नमेंट से पर्सनल डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बढ़ते खतरे को खत्म करने के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया.