पटना। रामचरितमानस को लेकर शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने जो बयान दिया उसके बाद बिहार की राजनीति में अजीब तरह की असहजता दिख रही है। बीते वर्ष अगस्त महीने में बिहार में भाजपा और जेडीयू के बीच गठबंधन टूट गया था। इसके बाद दोनों दलों के नेताओं के बीच खूब जुबानी जंग भी हुई, लेकिन गठबंधन टूटने के बाद ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है कि भाजपा और जेडीयू किसी मामले पर एक स्टैंड पर खड़े रहे।
शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर की तरफ से रामचरितमानस पर दिए गए विवादित बयान को लेकर आरजेडी के ऊपर भाजपा और जेडीयू एक साथ हमलावर है। दोनों दलों ने आज मानस पाठ के जरिए आरजेडी को घेरने की कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। बता दें कि शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने रामचरितमानस को बंद चोक थॉट और संघ की मानसिकता वाला बताते हुए बोला था कि इससे समाज में नफरत फैलता है।
चंद्रशेखर के इस बयान पर जेडीयू ने भी कठोर एतराज जताया है। इस मुद्दे को लेकर भाजपा और जेडीयू का स्टैंड लगभग एक है। एक तरफ जहां पटना के स्थित महावीर मंदिर में और पूर्व मंत्री नीरज कुमार के नेतृत्व में उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मानस पाठ किया तो वहीं दूसरी तरफ भाजपा के प्रदेश कार्यालय के सामने स्थित मंदिर में बीजेपी के नेताओं की तरफ से मानस पाठ किया गया। दोनों के निशाने पर सीधे-सीधे आरजेडी और मंत्री चंद्रशेखर थे।
रामचरितमानस पाठ के दौरान जदयू के मुख्य प्रवक्ता और विधान पार्षद धीरज कुमार ने बोला कि जो लोग राम चरितमानस पर टिप्पणी कर रहे हैं, वे डॉ राम मनोहर लोहिया के द्वारा लगाए जाने वाले रामायण मेला और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, जिनके मुंह से ‘हे राम’ निकलता था यह उनका अपमान है। हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। नीरज कुमार का बोलना है कि यह उनकी भावना का प्रकटीकरण है।