मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को युद्ध ग्रस्त यूक्रेन से लौटे विद्यार्थी–विद्यार्थीाओं से गोरखपुर में मुलाकात की और दावा किया कि केवल हिंदुस्तान ही अपने नागरिकों को यूक्रेन से वापस लाने की कार्रवाई कर रहा है. मुख्यमंत्री ने दावा किया, ‘‘यह सुविधा सिर्फ हिंदुस्तानीय नागरिकों और विद्यार्थी–विद्यार्थीाओं को ही मिल सकी, आपने देखा होगा कि आपके साथ अन्य राष्ट्रों के विद्यार्थी–विद्यार्थीाएं भी पढ़ती होंगी, उनकी गवर्नमेंटों ने उनका कोई संज्ञान नहीं लिया.
वह अपने तरीके से जो निकल पा रहे हैं सो निकल रहे हैं. बाकी सब भगवान भरोसे हैं. उन्होंने कहा, भिन्न-भिन्न राष्ट्रों से जुड़े हुए मामले होने के नाते परेशानीएं खड़ी होती हैं लेकिन पीएम मोदी के रोमानिया, हंगरी और पोलैंड के साथ अच्छे संबंध होने की वजह से कहीं कोई समस्या खड़ी नहीं हो पाई. इन राष्ट्रों की सीमाओं पर हिंदुस्तान के नागरिकों को जो सुविधा मिल रही थी वह अन्य राष्ट्रों के नागरिकों को नहीं मिल पा रही थी.
योगी ने कहा कि जैसे ही रूस ने यूक्रेन पर हमला किया, अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस हिंदुस्तान लाने के लिए पीएम मोदी ने एक मीटिंग की. उसके बाद कार्यवाही शुरू हुई. उन्होंने कहा कि यूपी गवर्नमेंट ने भी अपने यहां नोडल अधिकारियों की तैनाती करके यूक्रेन में पढ़ रहे प्रदेश के सभी लोगों के बारे में जानकारी जुटाई. योगी ने कहा कि पीएम मोदी ने स्वयं इसमें रूचि ली और फिर हिंदुस्तान वापस लाने के लिए चार केन्द्रीय मंत्री भेजे, यह गवर्नमेंट की संवेदना को जाहीर करता है.
उन्होंने बताया कि यूपी से कुल 2290 विद्यार्थी–विद्यार्थीाएं यूक्रेन में रहकर शिक्षा ले रहे थे जिनमें से 2078 को वापस लाया जा चुका है. बाकी जो बचे हैं उन्हें भी वापस लाने की पूरी व्यवस्था की जा रही है. मुख्यमंत्री ने बताया कि गोरखपुर के 74 में से 70 विद्यार्थी–विद्यार्थीाओं को वापस लाया जा चुका है. बाकी चार को भी लाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि युद्ध कितने दिन चलेगा और उस क्या दशा होगी अभी कुछ कहा नहीं जा सकता लेकिन यूक्रेन से वापस लौटे विद्यार्थी–विद्यार्थीाएं यहां पर अपने पाठ्यक्रम की लगातार तैयारी करते रहें. योगी ने कहा कि गवर्नमेंट भी सोच रही है कि इसमें आगे क्या हो सकता है क्योंकि सुरक्षित वापस लाना ही नहीं, बल्कि सभी विद्यार्थी विद्यार्थीाओं के कैरियर की भी चिंता है जिस पर गवर्नमेंट विचार विमर्श कर रही है.