कर्नाटक में 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और जद (एस) के कई नेताओं का कांग्रेस पार्टी में शामिल होना इस बात का सबूत है कि जनभावना पार्टी के पक्ष में है और वह सत्ता में आएगी. कांग्रेस पार्टी के कर्नाटक प्रमुख डीके शिवकुमार ने सोमवार को यह बात कही. वह कुडलिगी से बीजेपी विधायक एन वाई गोपालकृ्ष्ण को पार्टी में शामिल करने के बाद पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे.
शिवकुमार ने बोला कि बीजेपी और जद (एस) के कई नेता हमारे दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं, यह सबूत है कि राज्य के लोगों की आवाज कांग्रेस पार्टी के पक्ष में है और हमारा मार्च सत्ता की ओर ठीक रास्ते पर है. उन्होंने बोला कि गोपालकृष्ण ने बीजेपी विधायक पद से इस्तीफा दे दिया और कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए. इसी तरह जद (एस) विधायक के एम शिवलिंगे गौड़ा ने भी इस्तीफा दे दिया है और वह जल्द ही पार्टी में शामिल होंगे.
केपीसीसी प्रमुख ने कहा, बीजेपी और जद (एस) विधायकों का स्वेच्छा से कांग्रेस पार्टी में शामिल होना इस बात का बड़ा सबूत है कि डबल इंजन गवर्नमेंट की विफलता के बाद लोगों ने परिवर्तन का निर्णय किया है. उन्होंने कहा, कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के इच्छुक लोगों की एक बड़ी सूची है… पार्टी ने किसी को टिकट देने का आश्वासन नहीं दिया है.
उन्होंने बोला कि हम हर नाम की जांच करेंगे, सिर्फ तभी जब हम उन्हें समायोजित करने में सक्षम होंगे, हम विचार करेंगे. उन्होंने बोला कि कुछ ऐसे भी हैं जो इसके लिए काम करने के लिए बिना शर्त पार्टी में शामिल होने के इच्छुक हैं. छह बार विधायक रहे गोपालकृष्ण पहले कांग्रेस पार्टी में थे और बीजेपी में शामिल होने और कुडलिगी से जीतने से पहले चित्रदुर्ग जिले के मोलाकलमुरू विधानसभा क्षेत्र से चार बार और बेल्लारी से एक बार निर्वाचित हुए थे. 2018 में कांग्रेस पार्टी का टिकट नहीं मिलने पर वह चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल हो गए थे. भगवा पार्टी ने उन्हें मोलाकलमुरु के बजाय विजयनगर जिले के कुडलिगी से टिकट दिया, क्योंकि वरिष्ठ नेता श्रीरामुलु को वहां से मैदान में उतारा गया था. वह वहां से जीते थे.