भाजपा सांसद वरुण गांधी ने एक बार फिर अपनी ही गवर्नमेंट को निशाने पर लिया है. रेल किराए में वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली छूट को समाप्त किए जाने पर प्रश्न उठाते हुए वरुण गांधी ने केंद्र गवर्नमेंट से प्रश्न किया. पूछा कि एक ओर जहां सांसदों को रेल किराये में रियायत मिल रही है, वहीं बुजुर्गों को दी जाने वाली इस छूट को ‘बोझ’ के तौर पर क्यों देखा जा रहा है. वरुण गांधी ने विमानों की आपात लैंडिंग पर भी गवर्नमेंट की नीति को निशाने पर लिया.
भाजपा सांसद पिछले काफी समय से अपनी पार्टी की उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं. उनके बयान कई बार पार्टी की कठिनाई भी खड़ी कर देते हैं. वरुण गांधी ने सिलसिलेवार ट्वीट करते हुए विमानों की आपात लैंडिंग और रेल किराए में वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली छूट को खत्म करने पर प्रश्न उठाए.
तकनीकी खामियों के चलते बार-बार विमानों को आपात स्थिति में उतारे जाने की घटनाओं पर वरुण गांधी ने चिंता जताई. बोला कि जब घरेलू उड़ान सेवाओं के किराये की दरें लगभग दोगुनी हो गई हैं, तब भी ऐसी स्थिति चिंता पैदा करने वाली हैं. वरुण ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) से कड़े कदम उठाने का आग्रह किया और पूछा कि क्या वह किसी बड़ी घटना का इन्तजार कर रहा है. बीजेपी नेता ने बोला कि पिछले दो महीने में 17 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुई हैं, जो ‘बहुत चिंताजनक’ है.
रेलवे का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण
वरिष्ठ नागरिकों के लिए रियायत समाप्त करने के रेल मंत्रालय के निर्णय को वरुण गांधी ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया और गवर्नमेंट से इस पर पुनर्विचार करने का निवेदन किया. उन्होंने बोला कि अपने ही लोगों को उनके जीवन के इस मोड़ पर अकेला छोड़ देने का निर्णय असंवेदनशील है.
बता दें कि हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद को सूचित किया था कि यात्रियों को रियायतें देने से रेलवे पर ‘भारी बोझ’ पड़ता है. उन्होंने सभी श्रेणियों में यह सुविधा बहाल करने से इनकार कर दिया था. स्त्री वरिष्ठ नागरिकों को सभी श्रेणी के रेल किराये में 50 फीसदी की छूट मिलती थी, जबकि मर्दों और समलैंगिकों के मुद्दे में यह रियायत 40 फीसदी थी. किसी स्त्री के लिए रियायत का फायदा उठाने की न्यूनतम उम्र सीमा 58 साल, जबकि मर्दों के लिए 60 साल थी.