कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज यानि गुरुवार (25 अगस्त) को गुजरात दंगों की पीड़िता बिलकिस बानो के लिए न्याय की मांग करते हुए बोला है कि 2002 के गैंग रेप और उनके परिवार के सात लोगों की मर्डर के मुद्दे में दोषी पाए गए 11 लोगों की रिहाई पर गवर्नमेंट ने खामोशी साधकर अपना रुख साफ कर दिया है.
बता दें कि, गुजरात गवर्नमेंट की माफी नीति के अनुसार बीते दिनों 15 अगस्त को गोधरा उप जेल से इस मुद्दे के 11 दोषियों को छोड़ दिया गया था. प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस संबंध में ट्वीट करते हुए लिखा कि, ‘बलात्कार की सजा पा चुके 11 लोगों की रिहाई, कैमरे पर उनके स्वागत-समर्थन में बयानबाजी पर खामोशी साधकर गवर्नमेंट ने अपनी लकीर खींच दी है.’ प्रियंका ने आगे लिखा कि, ‘लेकिन राष्ट्र की स्त्रियों को संविधान से आस है. संविधान आखिरी पंक्ति में खड़ी स्त्री को भी न्याय के लिए संघर्ष का साहस देता है. बिलकिस बानो को न्याय दो.बता दें कि, प्रियंका का यह बयान ऐसे वक़्त में आया है, जब इन 11 दोषियों की रिहाई के विरूद्ध एक याचिका पर सर्वोच्च कोर्ट में सुनवाई हो रही है. शीर्ष न्यायालय ने दोषियों की रिहाई को चुनौती देने वाली याचिका पर गुजरात गवर्नमेंट और केंद्र को नोटिस भेज कर उत्तर माँगा है. वहीं, कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी बिलकिस बानो के लिए न्याय की मांग की है. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि, ‘बेटी बचाओ’ जैसे खोखले नारे देने वाले, बलात्कारियों को बचा रहे हैं. आज प्रश्न राष्ट्र की स्त्रियों के सम्मान और हक़ का है. बिलकिस बानो को न्याय दो