राजस्थान राज्यसभा चुनाव के लिए पांच उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं. कांग्रेस पार्टी की दो और बीजेपी की एक सीट पर जीत पक्की दिख रही है. सारा घमासान चौथी सीट का है. बीजेपी समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी सुभाष चंद्रा के चुनावी मैदान में आने से मुकाबला रोचक हो गया है. क्रॉसवोटिंग की संभावना जताई जा रही है. जानिए राजस्थान के राज्यसभा चुनाव का पूरा समीकरण.
कांग्रेस को अपने तीन उम्मीदवारों के लिए 123 विधायकों के वोट चाहिए. जबकि कांग्रेस पार्टी ने दावा किया कि बाड़ाबंदी में इससे भी अधिक 126 विधायक उपस्थित रहे. हालांकि, कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्यसभा चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग, धन-बल और सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग की बात कहते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को चिट्ठी लिखी. इस मुद्दे में एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी. वहीं कांग्रेस पार्टी और बीजेपी दोनों पार्टियों ने अपने विधायकों की बाड़ेबंदी की. अब दोनों पार्टियों के विधायक आज उम्मीदवारों की किस्मत का निर्णय करेंगे.
एक राज्यसभा उम्मीदवार को जीत के लिए कितने वाेट चाहिए?
इस राज्यसभा चुनाव में एक विधायक की वोट की वेटेज 100 आंकी गई है. यानी 4,001 वेटेज वोट मिलने पर एक राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होगा. इस लिहाज से हर चुने जाने वाले राज्यसभा सदस्य को 40.1 (40.1X100 = 4001) विधायकों के वोट की जरूरत है. या यूं कहें तो 41 विधायक एक राज्यसभा सदस्य को जीता सकते हैं.
कांग्रेस के पास कितने विधायक
भारतीय जनता पार्टी के कुल विधायकों की संख्या 71 है. इसके अतिरिक्त सांसद हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के तीन विधायक हैं. हनुमान बेनीवाल ने निर्दलीय प्रत्याशी सुभाष चंद्रा को समर्थन देने का घोषणा किया है. वहीं साफ है कि बीजेपी के पास एक राज्यसभा उम्मीदवार को चुनने के लिए 41 विधायक हैं. इसलिए बीजेपी की सीट पर जीत पक्की है.
निर्दलीय को कैसे मिल सकती है जीत
निर्दलीय राज्यसभा उम्मीदवार के तौर सुभाष चंद्रा पांचवें प्रत्याशी हैं. सुभाष चंद्रा के नामांकन पत्र का अनुमोदन करने वाले सभी 10 प्रपोज़र राजस्थान के बीजेपी विधायक हैं. यदि बीजेपी और उसके समर्थक विधायकों के कुल 33 अतिरिक्त वोट भी सुभाष चंद्रा को मिलेंगे तो भी जीत के लिए आठ वोटों की कमी रहेगी. वहीं चंद्रा ने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी के आठ विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं.
इन दिग्गजों की साख दांव पर
कांग्रेस ने तीन उम्मीदवारों रणदीप सिंह सुरजेवाला, मुकुल वासनिक और प्रमोद तिवारी को मैदान में उतारा है. वहीं बीजेपी ने एक उम्मीदवार घनश्याम तिवाड़ी को राज्यसभा चुनाव में उतारा है. निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर सुभाष चंद्रा मैदान में हैं.
कांग्रेस ने 126 विधायकों के साथ होने का दावा किया है. विधायकों को जयपुर में बाड़ेबंदी में रखा गया है. हालांकि, कांग्रेस कैंप में माकपा के दो और निर्दलीय बलजीत यादव कैंप के बाहर हैं. वहीं कांग्रेस पार्टी विधायकों में से भरत सिंह भी कैंप में शामिल नहीं है. बोला जा रहा है कि वे सीधे मतदान स्थल पहुंचेंगे. वहीं दीपेंद्र सिंह शेखावत, मुरारी मीणा, परसराम मोरदिया, रूपाराम मेघवाल की तबीयत खराब है. जिसके चलते वे कैंप में शामिल नहीं हुए और उसकी अनुमति इन्होंने पार्टी से ले रखी है. वहीं बीटीपी के दो विधायक उदयपुर से कांग्रेस पार्टी नेताओं के साथ जयपुर आए हैं.बीटीपी और माकपा विधायकों पर रहेगी नजरें
राज्यसभा चुनाव में बीटीपी ने मतदान नहीं करने का फैसला लिया है. बीटीपी ने अपने दो विधायकों को व्हिप जारी कर तटस्थ रहने को बोला है. हालांकि, पार्टी उन्हें व्हिप मानने के लिए विवश नहीं कर सकती है. पार्टी स्तर व्हिप का उल्लंघन करने पर भी विधायकों द्वारा दिया गया वोट खारिज नहीं हो सकता. ऐसे में सबकी निगाहें दोनों बीटीपी विधायकों पर रहेगी. दो बीटीपी विधायकों ने हाल ही में सीएम गहलोत से मुलाकात की है. दूसरी ओर कांग्रेस माकपा विधायकों के समर्थन का दावा कर रही है लेकिन माकपा ने अब तक पार्टी स्तर पर इसका फैसला नहीं सुनाया है. माकपा के भी राजस्थान में दो विधायक हैं.बसों में सवार होकर वोट देने आएंगे विधायक
राज्यसभा चुनाव के लिए शुक्रवार सुबह नौ बजे मतदान प्रारम्भ हो जाएगा, जो शाम चार बजे तक चलेगा. इस दौरान बीजेपी और कांग्रेस पार्टी और अन्य विधायक अपने बाड़ेबंदी स्थल से बसों में सवार होकर मतदान स्थल तक पहुंचेंगे. हर बस में पार्टी से जुड़े बड़े पदाधिकारी तैनात रहेंगे और बस बाड़ेबंदी स्थल से रवाना होकर सीधे विधानसभा में बने मतदान स्थल पर पहुंचेगे.
राजस्थान में राज्यसभा चुनाव की चार सीटों के लिए मतदान सुबह नौ बजे से प्रारम्भ हो चुका है. बीजेपी की पहली बस विधायकों को लेकर विधानसभा पहुंच गई है. वहीं सीएम अशोक गहलोत भी विधायकों के साथ विधानसभा पहुंचे और उन्होंने सबसे पहले मतदान किया.
राजस्थान राज्यसभा चुनाव के लिए पांच उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं. कांग्रेस पार्टी की दो और बीजेपी की एक सीट पर जीत पक्की दिख रही है. सारा घमासान चौथी सीट का है. बीजेपी समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी सुभाष चंद्रा के चुनावी मैदान में आने से मुकाबला रोचक हो गया है. क्रॉसवोटिंग की संभावना जताई जा रही है. जानिए राजस्थान के राज्यसभा चुनाव का पूरा समीकरण.
कांग्रेस को अपने तीन उम्मीदवारों के लिए 123 विधायकों के वोट चाहिए. जबकि कांग्रेस पार्टी ने दावा किया कि बाड़ाबंदी में इससे भी अधिक 126 विधायक उपस्थित रहे. हालांकि, कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्यसभा चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग, धन-बल और सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग की बात कहते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को चिट्ठी लिखी. इस मुद्दे में एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी. वहीं कांग्रेस पार्टी और बीजेपी दोनों पार्टियों ने अपने विधायकों की बाड़ेबंदी की. अब दोनों पार्टियों के विधायक आज उम्मीदवारों की किस्मत का निर्णय करेंगे.