Ajit Pawar on Guillain-Barre Syndrome: महाराष्ट्र में जीबीएस रोग का प्रकोप देखा जा रहा है। इस बीच राज्य के डिप्टी मुख्यमंत्री अजित पवार ने लोगों से निवेदन की है कि वो नर्व डिसऑर्डर गुलियन बैरे सिंड्रोम के एहतियाती तरीका के तौर पर अधपके चिकन खाने से बचें।
मुर्गियों को मारने की आवश्यकता नहीं
बीते शनिवार को पुणे में मीडिया से बात करते हुए, जहां राज्य में सबसे ज्याद मुद्दे सामने आए हैं, पवार ने पॉल्ट्री (मुर्गी पालन) की खपत से आउटब्रेक को जोड़ने वाली चिंताओं को संबोधित करते हुए बोला कि मुर्गियों को मारने की कोई आवश्यकता नहीं है।
चिकन पूरी तरह पकाकर खाएं
अजित पवार ने कहा, “हाल ही में, खडकवासला बांध क्षेत्र (पुणे में) में GBS का प्रकोप रिपोर्ट किया गया था। जबकि कुछ ने इसे पानी के दूषित होने से जोड़ा, दूसरों ने संभावना व्यक्त किया कि ये चिकन खाने के कारण हुआ है। डिटेल्ड रिव्यू के बाद, ये निष्कर्ष निकाला गया है कि पोल्ट्री को मारने की कोई आवश्यकता नहीं है।” उन्होंने लोगों को राय दी कि वो ये सुनिश्चित करें कि उनका भोजन, खासकर चिकन, हेल्थ कॉम्पलिकेशंस से बचने के लिए अच्छी तरह से पकाया जाए।
कैसे होता है जीबीएस?
जीबीएस इंफेक्शन के जरिए प्रारम्भ हो सकता है, और दूषित पानी और भोजन, खास तौर से कैम्पिलोबैक्टर जेजुनी बैक्टीरिया (Campylobacter jejuni bacteria) वाले फूड्स से हो सकता है। पवार ने कहा, “डॉक्टर भी राय देते हैं कि खाने को अच्छी तरह से पकाया जाना चाहिए। जीबीएस की स्थिति नियंत्रण में है।”
महाराष्ट्र में 208 केस
स्वास्थ्य ऑफिसरों के अनुसार 15 फरवरी 2025 को एक नया मुद्दा सामने आया, जिससे महाराष्ट्र में संदिग्ध और कंफर्म जीबीएस इंफेक्शन की कुल संख्या 208 हो गई, जीबीएस एक रेयर नर्व डिसऑर्डर है जिसमें आदमी की प्रतिरक्षा प्रणाली परिधीय नसों पर धावा करती है, जिसके कारण मांसपेशियों में कमजोरी, अंगों में सेंसशन का हानि और निगलने या सांस लेने में परेशानी होती है।