असम के नवनियुक्त गवर्नर गुलाबचंद कटारिया को भाजपा ने सभी पदों से मुक्त कर दिया है. पार्टी ने उनकी विधायकी एवं नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा मंगलवार को स्वीकार कर लिया. प्रदेश अध्यक्ष डाक्टर सतीश पूनियां ने यह जानकारी दी.
हालांकि, सदन में पार्टी का नेता कौन होगा, यह अभी तय नहीं किया जा सका है. कटारिया बुधवार को असम के गवर्नर की शपथ लेंगे. विधानसभा सत्र चल रहा है. ऐसे में भाजपा ने जब तक किसी नाम की घोषणा नहीं हो जाती है तब तक नेता प्रतिपक्ष के काम का जिम्मा उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ को संभालने के लिए बोला हुआ है.
शेखावत और कटारिया 3-3 बार रहे नेता प्रतिपक्ष…
प्रदेश में 1952 से लेकर अब तक 22 नेता प्रतिपक्ष रहे हैं. अब 23वें नेता प्रतिपक्ष की घोषणा का इन्तजार है. स्वतंत्र पार्टी के लक्ष्मण सिंह चार बार नेता प्रतिपक्ष रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री भैरो सिंह शेखावत तीन बार नेता प्रतिपक्ष रहे हैं. हाल ही में असम के गवर्नर घोषित हुए गुलाबचंद कटारिया भी पिछले 24 वर्ष में राजस्थान विधानसभा में तीन बार नेता प्रतिपक्ष रहे हैं.
साल 1957 से 62 तक बगैर विपक्ष के सबसे अधिक सदन चलने का रिकॉर्ड…
वर्ष 1957 विधानसभा चुनाव रिज़ल्ट में विपक्ष की संख्या नेता प्रतिपक्ष बनाने के लिए पर्याप्त नहीं थी. कांग्रेस पार्टी की गवर्नमेंट थी और मोहनलाल सुखाड़िया मुख्यमंत्री थे. ये वो दौर था, जब विधानसभा के 11 सेशन हुए थे. अब तक के इतिहास की सर्वाधिक 306 बैठक हुईं. विधानसभा के रिकॉर्ड के मुताबिक 1665 में 51 घंटे सदन की वर्किंग काउंट हुई है. जो अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड है. इस गवर्नमेंट के पहले या बाद में कभी भी ऐसा मौका नहीं आया जब इतने घंटे की वर्किंग हुई हो या इतनी संख्या में बैठकें हुई हो. गहलोत गवर्नमेंट में अभी तक सात सेशन हुए हैं.
पूनिया-राठौड़ सहित कई नेता रहेंगे मौजूद…
कटारिया के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया, राजेंद्र राठौड़, प्रताप सिंह सिंघवी सहित कई विधायक और नेता गुवाहटी पहुंच चुके है. उदयपुर और जयपुर सहित कई जिलों के नेता आज पहुंचे हैं.