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गोवा प्रदेश भले ही छोटा हो लेकिन सियासी दृष्टिकोण से काफी महत्व रखता है. पिछले लगभग दस वर्ष से गोवा में बीजेपी की गवर्नमेंट रही है और कांग्रेस पार्टी सत्ता से दूर वनवास काट रही हैं. गोवा में काफी भी किसी एक पार्टी ता वरचर्व बरकरार नहीं रहा हैं इस लिए कांग्रेस पार्टी को आशा है कि वर्ष 2022 में कांग्रेस पार्टी का वनवास समाप्त हो जाएगा.
आखिर कांग्रेस पार्टी ऐसे दावे किसके दम पर कर रही हैं. पूरी राष्ट्र में जहां कांग्रेस पार्टी साफ हो रही हैं वहीं आखिर गोवा में वह गवर्नमेंट बनाने का दावा कैसे कर रही हैं? हम आपको बता दे कि कांग्रेस पार्टी का यह दावा दिगंबर कामत की बदौलत किया जा रहा है. आखिर कौन हैं दिगंबर कामत, क्या उनके बारे में क्या जानते हैं, आज इस आर्टिक्ल में हम आपको दिगंबर कामत के बारे में बताने जा रहे हैं!
दिगंबर कामत एक हिंदुस्तानीय पॉलिटिक्सज्ञ हैं. वह जून 2007 से मार्च 2012 तक गोवा के मुख्यमंत्री थे. गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के बाद मनोहर परिकर ने उन्हें सफलता दिलाई. 2006 से वे स्विमिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष हैं. वर्तमान में, वह गोवा विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में काम करते हैं. 1994 से विधायक कामत के पॉलिटिक्सक जीवन का प्रमुख हिस्सा बीजेपी (भाजपा) के साथ था. 2007 में मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की बागडोर संभालने से पहले, कामत प्रतापसिंह राणे के नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी गवर्नमेंट में बिजली, खान, कला और संस्कृति मंत्री थे. 1994 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए. चतुर राजनेता के बारे में बताया जाता है कि उन्होंने 2005 में मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व वाली भाजपा गवर्नमेंट के पतन में कांग्रेस पार्टी के इंजीनियर की जरूरी भूमिका निभाई थी. इसके बाद वह कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गयी.
प्रारंभिक जीवन
दिगंबर का जन्म 8 मार्च 1954 मडगांव में हुआ था. उनके पास विज्ञान (बीएससी) में स्नातक की डिग्री है. दिगंबर की शादी आशा से हुई है और उनके दो बच्चे हैं
पॉलिटिक्सक कैरियर
दिगंबर वसंतराव कामत ने अपने करियर की आरंभ हिंदुस्तानीय देशीय कांग्रेस पार्टी के मेम्बर के रूप में की थी. 1994 में, वह बीजेपी गठबंधन गवर्नमेंट में शामिल हुए. 2005 में, वह एक बार फिर मडगांव निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं के जनमत संग्रह के समर्थन में हिंदुस्तानीय देशीय कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए. वह 2007-2012 के पूर्ण कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश का नेतृत्व करने के लिए एकमात्र स्थिर विकल्प थे. कामत ने मार्च 2012 में हुए गोवा विधानसभा चुनावों में भाजपा बहुमत वाली गवर्नमेंट को 6 मार्च 2012 को नेतृत्व की कमान सौंपी. उन्होंने अपनी मडगांव निर्वाचन क्षेत्र की सीट बरकरार रखी और 2019 तक मडगांव निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचित विधायक मेम्बर के रूप में बने रहे. 17 जुलाई 2019 को, दिगंबर कामत को सर्वसम्मति से हिंदुस्तानीय देशीय कांग्रेस पार्टी का अगुवाई करने वाले गोवा विधान सभा के विपक्ष का नेता चुना गया. वह तैराकी और बैडमिंटन के उत्साही प्रेमी हैं.