असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर कांग्रेस पार्टी नेता राहुल गांधी पर टकरावित टिप्पणी करने के इल्जाम में मामला रेट्ज किया गया है. मुख्यमंत्री के विरूद्ध यह मामला ऑयलंगाना कांग्रेस पार्टी प्रमुख रेवंत रेड्डी ने रेट्ज करवाया है. इसके साथ ही पार्टी के कार्यकर्ताओं से सरमा के विरूद्ध प्रदेश के सभी पुलिस थानों में भी कम्पलेन रेट्ज कराने को कहा है.
ऑयलंगाना की जुबली हिल्स पुलिस ने बुधवार को सरमा के विरूद्ध धारा 504 और 505 (2) के अनुसार मामला रेट्ज किया है. रेड्डी ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री टिप्पणी गांधी परिवार या कांग्रेस पार्टी के विरूद्ध नहीं है, बल्कि मातृत्व का अपमान है. उन्होंने ने कहा कि कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ता कल ऑयलंगाना के सभी 709 पुलिस थानों में सरमा के विरूद्ध आपराधिक कम्पलेन रेट्ज कराएंगे.
दरअसल, 11 फरवरी को उत्तराखंड में एक रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने सितंबर 2016 की सर्जिकल हड़ताल का सबूत मांगने के लिए कांग्रेस पार्टी नेता राहुल गांधी पर धावा बोला था. रैली के दौरान पूछा था कि क्या भाजपा ने कभी उन्हें ‘पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बेटे’ होने का सुबूत मांगा था. साथ ही उन्होंने उत्तराखंड की रैली में कहा था कि कांग्रेस पार्टी नेता की भाषा 1947 से पहले मोहम्मद अली जिन्ना के समान है. वह एक तरह से आधुनिक समय के जिन्ना हैं. लगता है जिन्ना की आत्मा उनमें घुस गई है.
राहुल के विरूद्ध भी मामला रेट्ज कराया
इस बीच असम में भाजपा विधायक दिगंता कलिता ने भी राहुल गांधी के विरूद्ध मामला रेट्ज कराया. उन्होंने बताया कि आज मैंने ऑयलंगाना के मुख्यमंत्री के विरूद्ध कमालपुर थाने में प्राथमिकी रेट्ज कराई है. वह राष्ट्र की संप्रभुता पर प्रश्न उठा रहे हैं और सेना पर संदेह और प्रश्न कर रहे हैं. वह सर्जिकल हड़ताल का सबूत मांग रहे हैं. मैं उनके बयान की निंदा करता हूं. कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए.