Rajasthan News: राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने अपनी गवर्नमेंट के समय प्रारम्भ की गई स्त्रियों को SmartPhone योजना को बंद करने के इल्जाम राज्य गवर्नमेंट पर लगाए हैं। अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया X पर पोस्ट करते हुए बोला कि टैबलेट की संख्या गिनाने वाली गवर्नमेंट से प्रदेश की लाखों महिलाएं अभी भी अपने SmartPhone का प्रतीक्षा कर रही हैं।
गहलोत ने बोला कि सीएम और वित्त मंत्री अपने सवा वर्ष में बार-बार 88,000 टैबलेट बांटने का उदाहरण देते हैं। शायद उन्हें जानकारी में नहीं आया कि टैबलेट वितरण की घोषणा हमारी गवर्नमेंट ने अंतिम साल में की थी, जिसे नयी गवर्नमेंट ने लागू किया पर वो ये छिपाते हैं कि स्त्रियों को SmartPhone देने की योजना को उन्होंने बंद कर दिया।
अशोक गहलोत कहे कि स्त्री सशक्तिकरण के उद्देश्य के साथ पूर्ववर्ती कांग्रेस पार्टी गवर्नमेंट ने प्रदेश के सभी 1 करोड़ 19 लाख चिरंजीवी परिवार की स्त्री मुखियाओं को तीन वर्ष की इंटरनेट कनेक्टिविटी के साथ SmartPhone देना प्रारम्भ किया था। योजना के पहले चरण में लगभग 35 लाख स्त्रियों को SmartPhone दिए गए।
भाजपा गवर्नमेंट ने आते ही इस योजना को बंद कर दिया, जबकि यह एक बजट घोषणा थी, जिसका बजट भी जारी कर दिया था। सवा वर्ष में बीजेपी गवर्नमेंट एक भी SmartPhone नहीं बांट सकी। गहलोत ने भाजपा पर इल्जाम लगाते हुए बोला कि बीजेपी ने एक दुष्प्रचार किया कि मोबाइल टेलीफोन रेवड़ी की तरह बांट रहे थे, जबकि यह योजना रिसर्च एवं एविडेंस बेस्ड थी।
ये SmartPhone 3 वर्ष के फ्री इंटरनेट के साथ दिए जा रहे थे। भारतीय काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकोनॉमिक रिलेशनंस, दी इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इण्डिया और हिंदुस्तान गवर्नमेंट के आईटी मंत्रालय की रिपोर्ट है कि इंटरनेट यूजरों की संख्या 10 फीसदी बढ़ने पर GDP में 1.08 फीसदी की बढ़ोत्तरी होती है।
अगर प्रदेश में इंटरनेट इस्तेमाल करने वाली स्त्रियों की संख्या बढ़ती तो इससे राज्य की जीडीपी बढ़ती। गहलोत ने बोला कि बीजेपी गवर्नमेंट का यह कदम एक तरह से संविधान के अनुच्छेद 14 का भी उल्लंघन है, जो नागरिकों को गवर्नमेंट एवं कानून के आगे समानता का रेट देता है। यदि गवर्नमेंट ने सभी स्त्रियों को SmartPhone देने की योजना प्रारम्भ की, तो उसे रोकना उचित नहीं है।
प्रदेश की बाकी महिलाएं आज भी अपने SmartPhone का प्रतीक्षा कर रही है। वो यह भी याद करती हैं कि पीएम जी ने चुनाव में कांग्रेस पार्टी गवर्नमेंट की किसी योजना को बंद नहीं करने का वादा किया था। अब बीजेपी गवर्नमेंट को इस योजना को जल्द फिर से प्रारम्भ करना चाहिए।