यूपी के सियासी संग्राम के चौथे चरण के प्रचार में इल्जामों और प्रत्यारोपों का तौर तीखा हो चला है। AIMIM के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने हिजाब से लेकर टोपी तक पर अपनी बात रखी। ओवैसी ने कहा कि तुम्हें (बीजेपी) ये दाढ़ी पसंद नहीं है, मुझे कोई परवाह नहीं है, मैं दाढ़ी छोड़ूंगा। तुम्हें मेरे सिर पर ये टोपी पसंद नहीं है, मैं टोपी पहनूंगा।
ओवैसी ने कहा कि तुमको हिजाब पसंद नहीं है, मेरी बेटी पहनेगी हिजाब। मैं क्या तुम्हारा अधीन हूं। मैं क्या तुम्हारा कैदी हूं, मैं क्या तुम्हारे इशारे पर बैठ जाऊंगा। मैं क्या तुम्हारे हुकुम पर नीचे गिर जाऊंगा। ओवैसी ने कहा, नहीं, हम गर्दन झुकाएंगे तो अपने करीम के आगे। दुनिया में रहेंगे तो हिंदुस्तान के संविधान के अनुसार अपनी शनाख्त को बरकरार रखते हुए जिंदा रहेंगे।
मैं किसी का ग़ुलाम नहीं हूं, मैं टोपी भी पहनूंगा और दाढ़ी भी रखूंगा और मेरी बेटी भी हिजाब पहनेगी.
इससे पहले ओवैसी ने कहा था कि योगी गवर्नमेंट और राष्ट्र के प्रधानमंत्री अल्पसंख्यक गरीब और मुसलमान लोगों के भलाई की जो बात करते हैं, वह सब असत्यी और बकवास है। आज तक मुसलमान अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों पर कुछ भी राष्ट्र और प्रदेश की गवर्नमेंटों नहीं किया है। हिजाब टकराव को लेकर AIMIM के नेता और हैरेटाबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने हाल ही में कहा था कि हिंदू भी भगवा शॉल पहनें, उन्हें कौन रोका है।
मीडिया से खास वार्ता में असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि हिजाब हमारा संवैधानिक अधिकार है, हिंदू भगवा शॉल पहनें, कौन रोकता है? ओवैसी ने हिजाब को लेकर जारी टकराव पर सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। ओवैसी ने कहा कि अखिलेश को हिजाब पर बोलने से डर लगता है।
ओवैसी ने कहा कि उन्होंने (अखिलेश यादव) कई मुसलमान नेताओं के टिकट काट दिए हैं। उन्हें मुस्लिमों की कोई फिक्र नहीं है। AIMIM सांसद ने कहा कि पीएम मोदी कहते हैं कि मुसलमान स्त्रीएं उन्हें आशीर्वाद दे रही हैं, लेकिन वे हमारी बहनों-बेटियों से हिजाब पहनने का उनका अधिकार छीन रहे हैं।
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