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चंडीगढ़ . मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने साल 2022-23 के लिए ₹177255.99 करोड़ का बजट पेश किया . बजट संबोधन में सबसे पहले सभी को अंतर्देशीय महिला दिवस की बधाईयाँं दी. उन्होंने कहा कि यह बजट Covid-19 महामारी के बाद अर्थव्यवस्था को गति देने वाला है और आने वाले 25 वर्षों में विकास की दिशा सुनिश्चित करेगा.
कृषि क्षेत्र के लिए इस बार 5988.76 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है, जोकि पिछले वित्त साल की अपेक्षा 27.7 फीसदी बढ़ाया गया है.हरियाणा का GSDP 2014 के 370535 करोड़ के मुकाबले 2021-22 में 588771 करोड़ हुआ, जो 15.6 फीसदी अधिक है. इस बजट परिव्यय में ₹61,057.35 करोड़ का और ₹1,16,198.63 करोड़ का Revenue Expenditure शामिल है, जोकि क्रमशः 34.4 फीसदी और 65.6 फीसदी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल के बजट आवंटन को सतत विकास लक्ष्यों अर्थात Sustainable Development Goal के साथ भी जोड़ा गया है.₹1,77,255.98 करोड़ के कुल बजट में से सतत विकास लक्ष्य से संबंधित योजनाओं के लिए ₹1,14,444.77 करोड़ आवंटित किए हैं.गर्मी सीजन के मक्का की खरीद भी न्यूनतम समर्थम मूल्य पर होगी.
नयी ग्रामीण सम्पर्क सड़कों के निर्माण के लिए एचएसएएमबी को 200 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा. फसल समूह विकास कार्यक्रम के अनुसार 100 पैक हाउस की स्थापना की जाएगी. फसल विविधिकरण कार्यक्रम के अनुसार 20,000 एकड़ फसल विविधिकरण का लक्ष्य रखा गया है. किसानों को किराए पर मशीनें मौजूद करवाने हेतु 5 मशीन बैंक केन्द्रों की स्थापना की जाएगी. किसानों के मार्गदर्शन के लिए प्रगतिशील किसान कृषि रेट्शन कार्यक्रम की प्रारम्भआत की जाएगीमत्स्य पालकों को भी किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा प्रदान की जाएगी.
पशुपालन व डेयरी क्षेत्र में स्वरोजगार के लिए 1 लाख अंत्योदय परिवारों की आर्थिक सहायता का लक्ष्य रखा गया है. प्रदेश में हैफेड द्वारा गुड़ इकायां स्थापित करने का फैसला लिया गया है. सभी जिलों में दूध और दुग्ध व अन्य खाद्य उत्पादों की जाँच के लिए लैबएं स्थापित की जाएंगीएकमुश्त निपटान योजना के अनुसार 30 नवंबर 2022 तक फसली कर्ज या अन्य लघु या मध्यम अवधि के कर्जों की मूल राशि का भुगतान करने पर किसानों को दंडात्मक ब्याज सहित ब्याज की पूरी राशि माफ की जाएगीप्रदेश में प्रदूषण को कम करने के लिए हर जिले में हॉट स्पॉट को ग्रीन स्पॉट में बदलने का लक्ष्य रखा गया है. प्रमुख पर्यावरणविद श्री रेट्शन लाल जैन के नाम पर 3 लाख रुपए का पुरस्कार शुरू किया गया है. प्रदेश में 100 वायु गुणवत्ता निगरानी केन्द्र स्थापित किए जाएंगे
हरियाणा में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ईको टूरिज्म नीति बनाई जाएगी. हर वृक्ष की गिनती के लिए वृक्ष-गणना और जियो टैगिंग की जाएगी. कालका से कलेसर तक 150 कि।मी। लंबी नेचर ट्रेल की स्थापना की जाएगीनूंह में नए बहु विषयक प्रदेश यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी. बेटियों को सुरक्षित व सुलभ परिवहन सुविधा के लिए ‘साथी’ योजना शुरू की जाएगी. विद्यालय हैल्थ कार्ड कार्यक्रम के अनुसार 25 लाख विद्यार्थीों के सेहत की जाँच की जाएगीस्त्रीओं के लिए 5 लाख रुपये की नकद राशि वाला ‘सुषमा स्वराज पुरस्कार’ तथा महिला उद्यमियों के लिए ‘हरियाणा मातृसंदेह्ति उद्यमिता’ योजना की घोषणा की। कामकाजी स्त्रीओं के लिए फरीदाबाद, गुरुग्राम और पंचकूला में नये आवास बनाये जायेंगे।अगले तीन सालों में 362 नए संस्कृति मॉडल विद्यालय खोले जाएंगे. कौशल को बढ़ावा देने के लिए एसटीईएम प्रयोगशाला की स्थापना की जाएगी. 8वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए विषयवार ओलंपियाड व पुरस्कार दिया जाएगा.
गवर्नमेंटी विद्यालयों में पढ़ने वाले 10वीं से 12वीं कक्षा तक के सभी विद्यार्थियों को निःशुल्क टेबलेट दिए जाएंगे. गवर्नमेंटी और निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों को जोड़ने के लिए ट्विनिंग कार्यक्रम चलाया जाएगाPGIMS रोहतक में किडनी प्रत्यारोपण सुविधा शुरू की जाएगी. कैथल, सिरसा और यमुनानगर में नए मेडिकल कॉलेज खोलने की मंजूरी दी गई है, इसकी डीपीआर तैयार की जा रही है. पलवल, चरखी दारेटी, पंचकूला और फतेहाबाद में भी नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगेजींद, भिवानी, महेंद्रगढ़, सिरसा, यमुनानगर, पलवल, चरखी-दारेटी, पंचकूला और फतेहाबाद में मेडिकल कॉलेजों के साथ नए नर्सिंग कॉलेज खोलने का फैसला लिया गया है.
एलोपैथी और उम्रष इलाज पद्धतियों के लिए संयुक्त अनुसंधान केन्द्र की स्थापना की जाएगीप्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का फायदा अब दूसरे बच्चे पर भी मिलेगा. आंगनवाड़ी के बच्चों के लिए बाल संवर्धन प्रणाली शुरू की जाएगीमुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि प्राइवेट सेक्टर में रोजगार के लिए 200 रोजगार मेलों का लक्ष्य रखा गया है. अगले 2 सालों में 1 लाख युवाओं को प्रशिक्षण व प्लेसमेंट दिलवाने के लिए हरियाणा विराष्ट्र रोजगार प्लेसमेंट सैल की स्थापना की गई है.मजदूरों की नियमित चिकित्सा जाँच के लिए पानीपत, सोनीपत, अंबाला, हिसार, रोहतक और जींद में औद्योगिक स्वच्छता लैबएं स्थापित की जाएंगी. बीमित मजदूरों और उनके परिवार के मेम्बरों को निजी हॉस्पिटलों में कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जाएंगी