कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को कहा कि युद्ध असरित यूक्रेन से हिंदुस्तानीय नागरिकों को सुरक्षित लाना गवर्नमेंट का कर्तव्य है तथा यह कोई अहसान नहीं है. उन्होंने यूक्रेन से वापस लौटी की विद्यार्थीा का वीडियो जारी कर ट्विटर हैंडल से लिखा है, ‘‘निकासी(गवर्नमेंट का) कर्तव्य है, कोई अहसान नहीं है.’’ राहुल गांधी ने जो वीडियो जारी किया उसमें एक विद्यार्थीा यह कहते सुनी जा सकती है कि उसे यूक्रेन में रहते हुए कोई सहायता नहीं मिली और रोमानिया पहुंचने के बाद स्वदेश लाया गया. इससे पहले, राहुल गांधी और पार्टी के कुछ अन्य सांसद यूक्रेन संकट को लेकर बुलाई गई विराष्ट्र मंत्रालय की परामर्श समिति की मीटिंग में शामिल हुए.
कांग्रेस पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के सांसदों ने कहा कि रूस-यूक्रेन मामले में हिंदुस्तान को अपनी तटस्थ भूमिका बनाए रखनी चाहिए ताकि युद्धक्षेत्र से सभी हिंदुस्तानीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा सके. हालांकि उनका यह भी दावा था कि सेंट्रल गवर्नमेंट ने समय रहते असरी कदम नहीं उठाए. पार्टी सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस पार्टी सांसदों ने इस बात का भी उल्आर्टिक्ल किया कि यूक्रेन की स्थिति को लेकर ‘गुमराह करने वाले’ परामर्श जारी किए गए जिस वजह से अधिकतर विद्यार्थी समय पर वहां से नहीं निकल सके. इस मीटिंग में कांग्रेस पार्टी की ओर से राहुल गांधी के अलावा पाटीर् नेता आनंद लज्जाा और शशि थरूर शामिल हुए. सूत्रों के मुताबिक,कांग्रेस पार्टी सांसदों ने मीटिंग में कहा, ‘‘हिंदुस्तान गवर्नमेंट को अपनी साख का इस्तेमाल करके दोनों राष्ट्रों के बीच मध्यस्थता करनी चाहिए थी ताकि हिंसा रुक पाती.’’ मीटिंग में राहुल गांधी ने कहा, ‘‘वैसे तो हमारी प्राथमिकता यूक्रेन से अपने विद्यार्थीों को सुरक्षित निकालना होना चाहिए. युद्ध की स्थिति हमेशा चुनौतीपूर्ण होती है।।।ऐसे दशा में कोई एकदम परफेक्ट निवारण नहीं होता.’’ उन्होंने अधिकारियों और हिंदुस्तानीय दूतावास के कामों की सराहना की.