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संयुक्त राष्ट्र महासभा ने बुधवार को यूक्रेन पर रूसी आक्रमण की कड़ी निंदा और मास्को को यूक्रेन से सभी बलों को तुरंत वापस लेने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया, जिसका उद्राष्ट्र्य रूस को पॉलिटिक्सक रूप से अलग करना था. रूस के विरूद्ध प्रस्ताव को 193 मेम्बरीय संयुक्त राष्ट्र महासभा में 141 राष्ट्रों से समर्थन मिला. सुरक्षा परिषद द्वारा बुलाए गए इमरजेंसी सत्र के अंत में मतदान किया गया जिसमें 5 राष्ट्रों ने रूस का साथ दिया. जबकि 35 राष्ट्र वोटिंग से अनुपस्थित रहे. हिंदुस्तान ने भी वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया.
यूक्रेन में बिगड़ते दशा को लेकर बहुत चिंतित: हिंदुस्तान
संयुक्त राष्ट्र में हिंदुस्तान के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने यूएनएससी में कहा कि हिंदुस्तान यूक्रेन में बिगड़ते दशा को लेकर बहुत चिंतित है. खार्किव में एक हिंदुस्तानीय नागरिक की मृत्यु हो गई थी. हम उनके परिवार और इस संघर्ष में अपनी जान गंवाने वाले प्रत्येक नागरिक के प्रति अपनी गहरी संवेदना जाहीर करते हैं.
रूस के स्थायी प्रतिनिधि की सफ़ाई
संयुक्त राष्ट्र में रूस के स्थायी प्रतिनिधि वासिली नेबेंजिया ने कहा कि हम यूक्रेन में नागरिक सुविधाओं और नागरिकों पर हमले नहीं कर रहे हैं. यूक्रेन का खामोशिपूर्ण परिदृश्य तब हो सकता है जब कट्टरपंथी पीछे छिपने के बजाय नागरिक जीवन को संरक्षित करने के बारे में चिंतित हों.
प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने की पुतिन से बात
रूस के सैन्य अभियान से बुरी तरह असरित पूर्वी यूरोपीय राष्ट्र यूक्रेन में फंसे हिंदुस्तानीयों को सुरक्षित निकालने के लिए जारी अभियान के बीच पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की और यूक्रेन से हिंदुस्तानीयों की सुरक्षित निकासी पर चर्चा की. प्रधानमंत्री कामालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से फोन पर बात की. पीएमओ ने कहा, ‘‘दोनों नेताओं ने यूक्रेन की स्थिति की समीक्षा की, खासकर खारकीव की जहां बड़ी संख्या में हिंदुस्तानीय विद्यार्थी फंसे हुए हैं. उन्होंने युद्धग्रस्त क्षेत्र से हिंदुस्तानीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी पर चर्चा की.’’