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दिल्ली पुलिस द्वारा अरैस्ट किए गए दो आतंकवादियों ने कहा कि वे पाक में प्रशिक्षण के दौरान पाकी सेना के एक मेजर से मिले थे. भारतीय एक्सप्रेस अखबार ने दिल्ली की एक न्यायालय में पंजीकृत आरोपपत्र का हवाला देते हुए बताया कि उन्होंने हिंदुस्तानीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान के साथ तस्वीर में दिखे सेना के जवान की पहचान की, जिनसे वे पाक में प्रशिक्षण के दौरान मिले थे. स्पेशल सेल ने अरैस्ट किए गए दोनों आरोपियों जीशान कमर और ओसामा से पूछताछ की. दोनों की लंबी जांच की गई थी. उनसे हिंदुस्तान से मस्कट और फिर थट्टा (पाक) की यात्रा के बारे में पूछा गया. दोनों संदिग्धों से विशेष रूप से पूछताछ की गई कि वे किससे मिले, कहां और कितने समय तक रहे.
चार्जशीट में दावा किया गया है कि पाकी मेजर यूपी के इलाहाबाद के रहने वाले जीशान कमर और उसके दिल्ली में जामिया के रहने वाले ओसामा द्वारा पहचाने गए नौ लोगों में से एक था. चार्जशीट की मानें तो जीशान और ओसामा ने रावलपिंडी में आतंकवाद की ट्रेनिंग ली थी. तस्वीर में दिखने वाले व्यक्ति का नाम हमजा है पाक सेना में मेजर है और उस ट्रेनिंग का प्रमुख था. हमजा ने उन्हें ये भी बताया था कि वो विंग कमांडर अभिनंदन की अरैस्टी के समय भी वहां उपस्थित था. इन दोनों के अलावा दिल्ली पुलिस ने महादेश से जान मोहम्मद शेख (47), यूपी के रायबरेली से मूलचंद उर्फ साजू (47), यूपी के बहराइच से मोहम्मद अबू बकर (23) और लखनऊ से मोहम्मद आमिर जावेद (31) को भी सितंबर में अरैस्ट किया था.
ओमान का होटल अल रीम और आईएसआई कनेक्शन
हम्माद यासीन : जीशान ने पुलिस को बताया कि वह मस्कट के अल रीम होटल में रुका था. होटल मालिक मोहम्मद आरिफ के निर्राष्ट्र पर जीशान की मुलाकात होटल में काम करने वाले हम्माद यासीन से हुई. यासीन एक पाकी है जो लाहौर से है.
आमिर तारिक: तारिक के मस्कट में होटल अल रीम में मैनेजर भी लाहौर का रहने वाला है. जीशान और ओसामा जब ट्रेनिंग के लिए पाक जा रहा था तो तारिक ने उन दोनों को 500 रियाल दिए. तारिक ने उनसे एक नाव संचालक को पैसे दे देने को कहा था.
मोहम्मद आरिफ: अल रीम के मालिक है और पाक से है. आरिफ कर्नल बुखारी उर्फ सैयद शखावत हुसैन बुखारी के सीधे संपर्क में था. यह आरोप लगाया गया है कि जो कोई भी अवैध रूप से या गुप्त रूप से पाक में प्रवेश करने की प्रयास कर रहा है, वह मस्कट के अल रीम होटल में रुकता है.
फरशीद: उन्होंने बंरेट-ए-जस्क में जीशान और ओसामा को लेकर अपने आवास पर गया और फिर अगले दिन उन्हें वापस बंरेट-ए-जस्क किनारे क्षेत्र में छोड़ दिया. इधर ओमिद रायसी ने उन्हें पाक ले जाने में सहायता की.
ओमिद रायसी: एक ईरानी और बलूची. फरशीद ने जीशान और ओसामा को ओमिद को सौंप दिया. उसने उन्हें पाकी बंदरगाह शहर छोड़ दिया.