केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, केंद्र गवर्नमेंट शहरों के मध्य से 150 किलोमीटर के दायरे में कम से कम एक वाहन स्क्रैपिंग केंद्र खोलना चाहती है. राष्ट्र में दक्षिण एशिया क्षेत्र का वाहन स्क्रैपिंग हब बनने की क्षमता है.
राजधानी में एक कार्यक्रम में गडकरी ने कहा, राष्ट्रीय वाहन स्क्रैपेज नीति भारतीय परिवहन एवं सतत क्षेत्र के लिए अहम पहल है. इसके जरिये पुराने और बेकार वाहनों को हटाकर नए वाहनों को लाया जाएगा जिनसे कम प्रदूषण होगा. गडकरी ने कहा, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने वाहन स्क्रैपिंग नीति को इस तरह से डिजाइन किया है, जो सभी प्रकार के और आकार के निवेशकों को आने और स्क्रैपिंग केंद्र स्थापित करने की अनुमति देता है. एक शहर के भीतर कबाड़ बन चुके वाहनों को इकट्ठा करने वाले कई अधिकृत केंद्र खोले जा सकते हैं, जिन्हें वाहन का पंजीकरण समाप्त करने का अधिकार होगा.
पीएम मोदी ने पिछले साल अगस्त में राष्ट्रीय वाहन स्क्रैपेज नीति की आरंभ करते हुए बोला था कि इसके जरिये बेकार हो चुके और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को चलन से बाहर किया जा सकेगा. उन्होंने यह भी बोला था कि यह क्षेत्र प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से 4 करोड़ लोगों को रोजगार देता है और 2025 तक इसमें 5 करोड़ से अधिक लोगों को काम मिलेगा.