नई दिल्ली: रविवार 28 मई को नए संसद भवन का उद्घाटन होना है. इस कार्यक्रम को गवर्नमेंट बहुत ही भव्य ढंग से समापन कराएगी. हालांकि 20 से अधिक विपक्षी दल इस उद्घाटन कार्यक्रम का विरोध कर रहे हैं. इस में कांग्रेस, आप, टीएमसी, एनसीपी समेत कई दल शामिल हैं. हालांकि गवर्नमेंट विपक्ष के इस बहिष्कार को राजनीति से प्रेरित बता रही है. समाचार है कि उद्घाटन कार्यक्रम के विरोध में विपक्षी दल पैदल मार्च भी निकाल सकती है. इसे लेकर दिल्ली पुलिस ने बड़ा बयान दिया है.
दिल्ली पुलिस ने किए हैं पूरे इंतजाम
दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी दीपेंद्र पाठक ने बोला है कि रविवार को समूचे दिल्ली कि सुरक्षा प्रबंध कठोर रहेगी. यह कार्यक्रम बिना किसी विघ्न और बाधा के पूरा हो इसके लिए पुलिस ने कानून प्रबंध के पुख्ता व्यवस्था किए हैं. सभी जवानों को अपनी जिम्मेदारी बता दी गई और विभागीय ब्रीफिंग भी दी जा चुकी है. इस कार्यक्रम के दौरान कुछ भी अप्रिय ना हो, इसके लिए हमने सभी व्यवस्था किए हैं.
हवन और पूजन से प्रारम्भ होगा उद्घाटन कार्यक्रम
28 मई रविवार को नए संसद भवन का उद्घाटन होगा. नए भवन उद्घाटन पीएम मोदी करेंगे. लेकिन उद्घाटन से पहले रविवार को सुबह हवन और विभिन्न धर्मों की प्रार्थना होगी. इसी के साथ उद्घाटन कार्यक्रम की औपचारिक आरंभ हो जाएगी. इस कार्यक्रम से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि सुबह करीब सात बजे नए भवन के बाहर संसद परिसर में हवन होगा जहां शैव संप्रदाय के महायाजक औपचारिक राजदंड ‘सेंगोल’ पीएम मोदी को सौंपेंगे. सेंगोल को नए संसद भवन में लोकसभा अध्यक्ष के आसन के पास स्थापित किया जाएगा.
28 मई को दोपहर में प्रारम्भ होगा मुख्य कार्यक्रम
नए संसद भवन के उद्घाटन का मुख्य कार्यक्रम रविवार दोपहर प्रधानमंत्री, पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, पूर्व पीएम एच डी देवेगौड़ा, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश और अन्य की उपस्थिति में प्रारम्भ होने की आसार है. पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष शिवराज पाटिल, कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे तथा विपक्षी दलों के नेताओं को भी निमंत्रण दिया गया है. लेकिन कई विपक्षी दलों ने उद्घाटन कार्यक्रम का बहिष्कार करने की घोषणा की है, जबकि रविवार के कार्यक्रम में 25 दल सम्मिलित होंगे जिनमें राजग के 18 घटक और सात गैर-राजग दल शामिल हैं.