PM Modi about Drone Cameras: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बोला कि 2014 से पहले शासन में टेक्नोलोजी के उपयोग के प्रति ‘उदासीनता’ का माहौल था और इसके चलते गरीब एवं मध्यम वर्ग के लोग सबसे अधिक प्रभावित हुए। पीएम ने इस बात को रेखांकित किया कि वर्तमान गवर्नमेंट ने ड्रोन सहित अन्य टेक्नोलोजी की सहायता से सेवाओं को आखिरी छोर तक पहुंचाना सुनिश्चित किया है। उन्होंने यहां राष्ट्र के सबसे बड़े ड्रोन महोत्सव के उद्घाटन के बाद लोगों को संबोधित करते हुए यह बात कही।
उन्होंने बोला ,‘ऐसे वक्त, जब हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं, मेरा सपना है कि हिंदुस्तान में प्रत्येक आदमी के हाथ में एक Smart Phone हो, हर खेत में एक ड्रोन हो और प्रत्येक घर में समृद्धि हो।’ मोदी ने बोला कि हिंदुस्तान में ड्रोन टेक्नोलोजी को लेकर जिस तरह का उत्साह देखा जा रहा है, वह अद्भुत है और यह इस उभरते क्षेत्र में रोजगार सृजन की संभावनाओं का संकेत देता है।
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‘टेक्नोलोजी से हुई सहजता’
इसके कारण 2014 से पहले के शासन में टेक्नोलोजी के उपयोग को लेकर उदासीनता का माहौल था और इसका सबसे अधिक असर गरीबों, वंचितों और मध्यम वर्ग पर पड़ा। उन्होंने कहा, ‘ड्रोन टेक्नोलोजी को बढ़ावा देना, सुशासन एवं जीवन को सुगम बनाने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने का एक और माध्यम है। ड्रोन के रूप में, हमारे पास एक और स्मार्ट उपकरण है जो लोगों के जीवन का हिस्सा बनने जा रहा है।’ पीएम ने बोला कि एक समय था जब लोग राशन पाने के लिए घंटों लंबी कतारों में खड़े रहते थे, लेकिन पिछले 7 से 8 सालों में इन बाधाओं को टेक्नोलोजी की सहायता से दूर किया गया है।
‘टेक्नोलोजी पर सबका अधिकार’
पीएम मोदी ने दावा किया कि पहले ऐसा समझा जाता था कि टेक्नोलोजी संबंधी आविष्कारों पर संभ्रांत लोगों का अधिकार है लेकिन,‘आज हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी नयी टेक्नोलोजी की लाभ पाने वाले सबसे पहले जनता बने। ड्रोन टेक्नोलोजी इसका एक उदाहरण है।’ पीएम ने बोला कि टेक्नोलोजी ने आखिरी छोर तक आपूर्ति सुनिश्चित करने में बहुत सहायता की है।
ड्रोन टेक्नोलोजी बन रही क्रांति का उदाहरण
उन्होंने बोला कि पीएम स्वामित्व योजना इस बात का उदाहरण है कि कैसे ड्रोन टेक्नोलोजी बड़ी क्रांति का आधार बन रही है और इसके जरिए पहली बार गांवों में सभी संपत्तियों की माप डिजिटल ढंग से की जा रही है और लोगों को 65 लाख डिजिटल संपत्ति कार्ड दिए गए हैं। उन्होंने बोला कि कृषि, खेल, रक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में ड्रोन का उपयोग बढ़ेगा।
पहले ड्रोन पर था बैन!
मोदी ने बोला कि कुछ महीने पहले तक ड्रोन टेक्नोलोजी पर कई प्रतिबंध थे, केन्द्र गवर्नमेंट ने बहुत कम समय में ऐसे सभी प्रतिबंधों को खत्म कर दिया है। वह पिछले साल नागर विमानन मंत्रालय द्वारा सरल किए गए ड्रोन नियमों का जिक्र कर रहे थे। उन्होंने बोला कि गवर्नमेंट राष्ट्र भर में स्वास्थ्य एवं आरोग्य केन्द्रों के नेटवर्क को मजबूत बना रही है।
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प्रधानमंत्री ने बोला कि गांवों में दवाइयां और अन्य वस्तुएं पहुंचाना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है, ‘ड्रोन के जरिए ऐसी वस्तुएं बहुत तेजी से पहुंचाई जा सकेंगी।’ पीएम ने बोला कि राष्ट्र इस बात का गवाह रहा है कि किस तरह से Covid-19 टीकों की शीघ्र आपूर्ति ड्रोन के जरिए की गई। उन्होंने कहा, ‘यह (ड्रोन) दूर-दराज के इलाकों में हमें शीर्ष गुणवत्ता के मेडिकल उपकरण और सेवाएं मौजूद कराने में सहायता कर सकता है।’
ड्रोन होंगे उपयोगी साबित
उन्होंने बोला कि लोग देखेंगे कि न केवल शहरी इलाकों में बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी ड्रोन उपयोगी साबित होंगे। उन्होंने कहा, ‘मैं निवेशकों को एक बार फिर आमंत्रित करता हूं क्योंकि हिंदुस्तान और विश्व के लिए उन्नत ड्रोन टेक्नोलोजी बनाने के लिए यह ठीक समय है।’ मोदी ने कहा, ‘हम उत्पादकता से जुड़ी योजना (पीएलआई) के जरिए हिंदुस्तान में ड्रोन विनिर्माण के लिए एक सुदृढ़ माहौल बनाने की दिशा में भी बढ़ रहे हैं। जब टेक्नोलोजी लोगों तक पहुंचेगी, तब इसके उपयोग की आसार भी उसके अनुरूप बढ़ेंगी।’ उन्होंने युवाओं से ड्रोन के क्षेत्र में और नए स्टार्टअप विकसित करने को बोला और आशा जताई कि राष्ट्र के पुलिस बल के लिए भी ड्रोन उपयोगी साबित होंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा, जब कभी कुंभ मेला जैसे बड़े आयोजन होंगे, ड्रोन से अपार सहायता मिल सकेगी। यातायात अवरूद्ध होने पर ड्रोन के जरिये निवारण प्राप्त किया जा सकेगा। मोदी ने कार्यक्रम में अपना उद्घाटन भाषण देने से पहले ड्रोन उड़ाने की प्रयास भी की। राष्ट्रीय राजधानी में 27 मई से दो दिवसीय ‘भारत ड्रोन महोत्सव 2022’ आयोजित किया जा रहा है। उद्घाटन कार्यक्रम में पीएम मोदी के अतिरिक्त नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव और ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह भी उपस्थित थे।
सिंधिया ने कही ये बात
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंधिया ने बोला कि ऐसे विचार से बढ़कर कोई चीज नहीं है, जिसका समय आ गया है और ड्रोन ऐसा ही एक विचार है। उन्होंने बोला कि कभी हिंदुस्तान टेक्नोलोजी के क्षेत्र में दूसरों का अनुसरण करने वाला राष्ट्र हुआ करता था लेकिन आज यह प्रणेता बन गया है। सिंधिया ने साथ ही बोला कि टेक्नोलोजी तभी सफल होगी जब इसका इस्तेमाल वंचितों और गरीबों के लिए होगा। इस महोत्सव में सरकारी अधिकारियों, विदेशी राजनयिकों, सशस्त्र बलों, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों सहित, निजी कंपनियों और ड्रोन स्टार्टअप से जुड़े 1,600 से अधिक लोग भाग ले रहे हैं।