- ब्लिंकन के बयान का मकसद चीन के विकास को रोकना और अमेरिका का वर्चस्व कायम करना है: चीन
- चीन ने बोला कि अमेरिका जिस नियम आधारित व्यवस्था की बात करता है, ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है.
- अमेरिका को लगता है कि चीन ने दूसरे विश्वयुद्ध के बाद एक बड़ा खतरा पैदा किया है: एंटनी ब्लिंकन
China News: डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति रहते अमेरिका और चीन के संबंध पर जमी बर्फ जो बायडेन के राष्ट्रपति बनने के बाद भी पिघलती नजर नहीं आ रही है. ऐसा शायद ही कोई महीना बीतता होगा जब चीन और अमेरिका एक-दूसरे की ओर आंखें नहीं तरेरते. ताजा मुद्दे में चीन ने अमेरिका के विदेश एंटनी ब्लिंकन के उस बयान पर नाराजगी जतायी है जिसमें उन्होंने बोला था कि दूसरे विश्वयुद्ध के बाद की व्यवस्था में चीन ने एक बड़ा खतरा पैदा किया है. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने बोला कि अमेरिका ‘जानबूझकर गलत जानकारी फैला रहा है और चीन की घरेलू व विदेश नीति को बदनाम करने का कोशिश कर रहा है.’
ब्लिंकन पर बरसते हुए वांग वेनबिन ने कहा, ‘ब्लिंकन के बयान का मकसद चीन के विकास को रोकना और अमेरिका का वर्चस्व कायम करना है. हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं और इसे खारिज करते हैं. अमेरिका जिस नियम आधारित व्यवस्था की वकालत करता है, उसे समझने वाले लोग जानते हैं कि ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है बल्कि अमेरिका और कुछ अन्य राष्ट्रों के बनाए हुए नियम हैं, जिनका मकसद अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था में अमेरिका का प्रभुत्व कायम रखना है.’ उन्होंने बोला कि अमेरिका अपने घरेलू कानून को अंतर्राष्ट्रीय कानून से ऊपर रखता है और अपनी मर्जी के हिसाब से अंतर्राष्ट्रीय नियमों का पालन करता है.
‘चीन ने दूसरे विश्वयुद्ध के बाद एक बड़ा खतरा पैदा किया है’
बता दें कि ब्लिंकन ने अपने भाषण में अमेरिकी प्रशासन की ‘China Policy’ को रेखांकित करते हुए 21वीं सदी में चीन के साथ आर्थिक व सैन्य प्रतिस्पर्धा को लेकर 3 सूत्रीय दृष्टिकोण रखा था. उन्होंने बोला था, ‘अमेरिका को लगता है कि चीन ने दूसरे विश्वयुद्ध के बाद एक बड़ा खतरा पैदा किया है. चीन एकलौता ऐसा राष्ट्र है, जो अंतर्राष्ट्रीय और आर्थिक, कूटनीतिक, सैन्य और टेक्नोलॉजिकल व्यवस्था को बदलने की मंशा रखता है. बीजिंग के दृष्टिकोण के चलते हम उन सार्वजनिक मूल्यों से दूर होते चले जाएंगे, जिन्होंने पिछले 75 सालों में दुनिया की प्रगति को बरकरार रखा है.’