नई दिल्ली, मार्च 21। चीन में चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस के बोइंग 737-800 विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर के बाद भारत में भी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने भारतीय विमान वाहक पोतों के बोइंग 737 बेड़े के विमानों को सर्विलांस पर रखने का आदेश जारी किया है। आपको बता दें कि चीन में जो विमान हादसे का शिकार हुआ है, उसमें कुल 132 नागरिक सवार थे। हालांकि अभी उनकी क्या स्थिति रही इसको लेकर कोई अपडेट नहीं है।
इस घटना के बाद DGCA के प्रमुख अरुण कुमार ने भारत में बोइंग 737 विमान की निगरानी बढ़ा दी है। आपको बता दें कि भारत में बोइंग 737 विमान का इस्तेमाल स्पाइसजेट, विस्तारा और एयर इंडिया एक्सप्रेस एयरलाइंस में किया जाता है। चीन की घटना को लेकर जब DGCA प्रमुख अरुण कुमार से पूछा गया कि भारत में इसकी क्या तैयारी है तो उन्होंने कहा कि फ्लाइट की सुरक्षा एक गंभीर विषय है और हम इस स्थिति पर बारीकि से नजर बनाए हुए हैं। क्या हुआ चीन में? आपको बता दें कि चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस का एक बोइंग 737-800 विमान सोमवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गया। ये विमान कुनमिंग से ग्वांगझाओ जा रहा था। विमान वुझोउ शहर के टेंग्ज़िआन काउंटी में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस विमान में 123 यात्रियों और चालक दल के नौ सदस्य मौजूद थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सभी 132 नागरिक चीन के ही बताए जा रहे हैं। बता दें कि बोइंग 737 मैक्स विमान बोइंग 737- 800 का लेटेस्ट वेरिएंट हैं। यह दोनों 737 सीरीज से संबंधित हैं। अक्टूबर 2018 से लेकर मार्च 2019 के बीच छह महीने की अवधि में हुई विमान दुर्घटनाओं में दो बोइंग 737 मैक्स विमान शामिल थे। इन दुर्घटनाओं में कुल 346 लोग मारे गए थे। इन दो दुर्घटनाओं के बाद DGCA ने मार्च 2019 में भारत में बोइंग 737 मैक्स विमानों पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद बोइंग द्वारा DGCA की संतुष्टि के लिए आवश्यक सॉफ़्टवेयर सुधार किए गए। जिसके बाद इस विमान के वाणिज्यिक संचालन पर प्रतिबंध पिछले साल अगस्त में 27 महीने बाद हटा लिया गया था।
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