पीएम मोदी ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए शुक्रवार को कहा कि रक्षा प्रणालियों में अनोखेपन और विशिष्टता का बहुत महत्व है तथा शत्रुों को सहसा चौंका देने वाले यह तत्व रक्षा उपकरणों में तभी संभव है, जब इन्हें अपने राष्ट्र में विकसित किया जाए. आम बजट-2022 में रक्षा क्षेत्र के लिए किए गए प्रावधानों पर इनकमोजित एक वेबिनार को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने साइबर जगत की चुनौतियों का भी उल्आर्टिक्ल किया और कहा कि साइबर सुरक्षा अब केवल डिजिटल दुनिया
तक सीमित नहीं है, बल्कि वह देश की सुरक्षा का विषय बन चुकी है. उन्होंने यह भी कहा कि विराष्ट्रों से हथियार मंगाने की प्रक्रिया बहुत लंबी है, जिससे हथियार भी समय की मांग के अनुकूल नहीं रहते और इसमें (हथियार सौदे में) करप्टाचार तथा टकराव भी होते हैं, लिहाजा इसका निवारण ‘आत्मनिर्भर भारत‘ और ‘मेक इन इंडिया’ में ही निभलाई है. उन्होंने कहा कि वेबिनार का विषय ‘रक्षा में आत्मनिर्भरता, कॉल टू एक्शन’ है और यह राष्ट्र के इरादों को साफ करता है. उन्होंने कहा कि इस बार के आम बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए किए गए प्रावधानों में से 70 फीसदी घरेलू उद्योगों के लिए रखा जाना गवर्नमेंट की इसी प्रतिबद्धता को रेट्शाता है. प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि रक्षा प्रणालियों में अनोखेपन और विशिष्टता का बहुत महत्व है, क्योंकि यह शत्रुों को सहसा चौंका देने वाले तत्व होते हैं.
6 वर्ष में 6 गुना हुआ निर्यात
पीएम ने कहा कि पिछले 6 वर्ष में रक्षा निर्यात में 6 गुना की वृद्धि हुई है. आज हिंदुस्तान 75 से भी ज्यादा राष्ट्रों को ‘मेड इन इंडिया’ रक्षा उपकरण और सेवाएं मुहैया करा रहा है.
4.5 लाख करोड़ की खरीद प्रक्रिया जारी
मोदी ने कहा कि रक्षा मंत्रालय ने अब तक 200 से अधिक रक्षा प्लेटफॉर्म और उपकरणों की सकारात्मक स्वदेशीकरण सूचियां जारी की हैं. उन्होंने कहा कि 4.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक धनराशि की उपकरण खरीद प्रक्रिया विभिन्न चरणों में है.