Amarnath Yatra 2022: दो वर्ष बाद 30 जून से प्रारम्भ होने जा रही अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) की सुरक्षा समीक्षा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय (Union Home Ministry) में आज एक हाई लेवल बैठक हुई। बैठक में इस यात्रा के दौरान संभावित ड्रोन हमले (Droane Attack( के मद्देनजर विशेष चिंता जाहिर की गई। यात्रा प्रारम्भ होने के पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) स्वयं सुरक्षा समीक्षा बैठक ले सकते हैं।
केंद्रीय गृह मंत्रालय में आज अमरनाथ यात्रा को लेकर हुई सुरक्षा समीक्षा बैठक में गृह मंत्रालय के ऑफिसरों के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बीएसएफ (BSF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CISF) के अतिरिक्त सीमा सड़क संगठन के अधिकारी और सैन्य ऑफिसरों के अतिरिक्त भारत संचार निगम लिमिटेड के अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला (Ajay Kumar Bhalla) ने की। इसके पहले केंद्रीय गृह सचिव ने इस मामले में समीक्षा बैठक 15 अप्रैल को कश्मीर में की थी। उसके बाद बीते 11 मई को अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा समीक्षा बैठक जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कश्मीर में ली थी। इसके बाद आज केंद्रीय गृह मंत्रालय में इस मामले में बैठक बुलाई गई थी।
गृह मंत्रालय सूत्रों के अनुसार बैठक के दौरान यात्रा को मिलने वाली आतंकी धमकियों और खतरों के पहलुओं पर वार्ता हुई। इसके साथ ही इन खतरों और धमकियों से किस तरह से निपटा जा सकता है उन तरीकों को लेकर भी चर्चा हुई। सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान यात्रा के दौरान संभावित ड्रोन हमले को लेकर विशेष चिंता जाहिर की गई। साथ ही इस बात पर भी चर्चा हुई कि इन हमलों से निपटने के लिए वहां पर एंटी ड्रोन सिस्टम भी लगाया जा सकता है।
बैठक में साफ तौर पर निर्देश दिए गए कि क्योंकि यह यात्रा 2 वर्ष बाद होने जा रही है लिहाजा आतंकी संगठन प्रयास करेंगे कि किसी भी तरह यात्रा में खलल डालने की प्रयास की जाए। लिहाजा यात्रा के बीच जोड़ने वाले पहाड़ों और बीच में आने वाले पहाड़ी रास्तों पर विशेष चौकसी बरती जाए। यात्रा प्रारम्भ होने के पहले सभी सीमाओं पर विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए। साथ ही संदिग्धों की धरपकड़ किए जाने को भी बोला गया। सीमा सड़क संगठन और बीएसएनल को निर्देश दिए गए कि यात्रा के दौरान आने वाली किसी भी इमरजेंसी हालात से निपटने के लिए वे लोग तैयार रहें।