यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद यहां दशा लगातार गंभीर होते जा रहे हैं. यहां स्थितियां तेजी से बदल रही हैं और यहां पढ़ने वाले हिंदुस्तानीय विद्यार्थीों और उनके अभिभावकों की चिंता सातवें आसमान पर पहुंच गई है. इन विद्यार्थीों को सुरक्षित वहां से निकालने के लिए हिंदुस्तान गवर्नमेंट ने कोशिश शुरू कर दिए हैं. लेकिन, विपक्ष ने गवर्नमेंट पर इसमें देरी करने का इल्जाम लगाया है.
इसे लेकर मीडिया ने अपने पाठकों से प्रश्न पूछा था कि रूस की ओर से किए जा रहे हमले के बीच हजारों हिंदुस्तानीय विद्यार्थी यूक्रेन में फंसे हुए हैं. क्या हिंदुस्तान गवर्नमेंट ने इन्हें निकालने में देरी कर दी है. इस प्रश्न के उत्तर में 61.37 फीसदी लोगों का कहना है कि सेंट्रल गवर्नमेंट ने इस कार्य में देरी कर दी है. वहीं, 38.63 फीसदी लोगों ने इससे संयोग नहीं जताया है.