उदयपुर में शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी के तीन दिवसीय नव संकल्प चिंतन शिविर की आरंभ करते हुए पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दो टूक बोला कि संगठन के सामने अभूतपूर्व स्थिति है। हमें सुधारों और रणनीति में परिवर्तन की कठोर आवश्यकता है। उन्होंने बोला कि असाधारण परिस्थितियों का सामना असाधारण ढंग से ही किया जा सकता है। सोनिया गांधी ने अल्पसंख्यकों पर हमले का मामला उठाते हुए जहां एक तरफ प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की खामोशी पर निशाना साधा तो वहीं भाजपा पर राष्ट्र में नफरत का महौल बनाने का आरोप भी लगाया।
कांग्रेस वर्किंग कमिटी के अपने पिछले संदेश को दोहराते हुए सोनिया गांधी ने चिंतन शिविर में बोला कि पार्टी ने हमें बहुत कुछ दिया है, अब समय है ऋण उतारने का। सोनिया गांधी ने बोला कि हमें निजी अपेक्षाओं को संगठन के हितों के अधीन रखना होगा। चिंतन शिविर में भाग ले रहे प्रतिनिधियों से सोनिया ने बोला कि अंदर खुलकर अपनी राय रखें। लेकिन बाहर सिर्फ एक संदेश जाना चाहिए- संगठन की मजबूती और एकता का संदेश।
मोदी गवर्नमेंट पर हमला करते हुए कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष ने बोला कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के बहुचर्चित मैक्सिमम गवर्नेंस, मिनिमम सरकार नारे का मतलब राष्ट्र में ध्रुवीकरण का माहौल बनाए रखना, लोगों को डर और असुरक्षा की भावना में घेरना, अल्पसंख्यकों के विरूद्ध अत्याचार करना, समाज मे विभाजन कर अनेकता में एकता को समाप्त करना है। सोनिया गांधी ने बोला कि सियासी विरोधियों को बदनाम करने के लिए गवर्नमेंट जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करती है। भाजपा पर इतिहास को तोड़ मरोड़ने का आरोप लगाते हुए सोनिया गांधी ने बोला कि महात्मा गांधी के हत्यारों का महिमामंडन किया का रहा है। हमारे नेताओं को बदनाम करने की प्रयास की जा रही है। जवाहरलाल नेहरू को खास कर निशाना बनाया जा रहा है।
सोनिया गांधी ने बेरोजगारी और मंहगाई के मामले पर भी गवर्नमेंट को घेरा और बोला कि नफरत के माहौल से अर्थव्यवस्था प्रभवित होती है। बेरोजगारी का आलम यह है कि लोगों ने आशा तक छोड़ दी है। मंहगाई आसमान पर है जिसकी मार करोड़ों लोग झेल रहे हैं। सोनिया गांधी के भाषण के बाद अगले दो दिनों तक उदयपुर के एक बड़े होटल में राष्ट्र भर से आए कांग्रेस पार्टी नेता विभिन्न मुद्दों पर मंथन करेंगे जिनका एलान अंतिम दिन रविवार को किया जाएगा। अंतिम दिन ही पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का भाषण भी होगा।
बदलाव को लेकर सोनिया गांधी की नसीहत से पहले ही कांग्रेस पार्टी नेता अजय माकन एलान किया कि कांग्रेस पार्टी जमीनी फीडबैक के लिए नया विभाग बनाएगी इसके साथ ही एक परिवार-एक टिकट का नियम लागू किया जाएगा। पार्टी में विभिन्न पदों का कार्यकाल पांच वर्ष तय होगा और पद पर वापसी के लिए नेताओं के लिए तीन वर्षों के कूलिंग ऑफ पीरियड जैसे नियम बनाए जाएंगे। अब देखना होगा कि तीन दिनों के मंथन के बाद कांग्रेस पार्टी और कौन-कौन से बड़े परिवर्तन करने जा रही है।