बीजिंग। चीन में कोविड संबंधी सभी नियमों को हटाने के बाद से बढ़ रहे कोविड-19 वायरस के मामलों को देखते हुए दुनिया के कई राष्ट्रों ने चीन से आने वाले यात्रियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। संक्रमण और नए वेरिएंट्स को लेकर चीन की ओर से मिल रही सीमित जानकारी और नए मामलों की तेजी के चलते यह कदम उठाया गया है। अभी तक वायरस के किसी नये स्वरूप की कोई जानकारी नहीं है। लेकिन चीन के ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए इस बात की चिंता भी है कि वह ऐसे उभरते स्वरूपों के किसी भी संकेत पर जानकारी साझा नहीं करेगा जिनसे दुनिया में कहीं भी संक्रमण के अत्यधिक मुद्दे आ सकते हैं।
चीन ने आंकड़ों को लेकर की जा रही उनकी आलोचना को खारिज किया है और बोला है कि भविष्य में होने वाले नए म्यूटेशंस से संक्रमण तेजी से फैल सकता है लेकिन इसकी गंभीरता कम होगी।
इन राष्ट्रों ने चीन पर लगाए हैं प्रतिबंध-
अमेरिका
अमेरिका ने बुधवार को घोषणा की कि चीन से आने वाले यात्रियों के लिए जांच में संक्रमण नहीं होने की पुष्टि होना महत्वपूर्ण है। अमेरिका ने संक्रमण के मुद्दे बढ़ने और वायरस के स्वरूपों के संबंध में जीनोम अनुक्रमण समेत अन्य जानकारी नहीं होने का हवाला दिया है।
भारत
भारत ने चीन, जापान, साउथ कोरिया, हांग-कांग और थाईलैंड से आ रहे यात्रियों के लिए Covid-19 निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट जरूरी कर दी है। इन राष्ट्रों से आ रहे यात्रियों में यदि Covid-19 के लक्षण पाए जाते हैं या फिर वह संक्रमित होते हैं तो उन्हें क्वारंटीन किया जाएगा।
जापान
जापान के पीएम फुमियो किशिदा ने भी इस हफ्ते की आरंभ में चीन से आने वाले यात्रियों की कोविड जांच को जरूरी करने की घोषणा की थी और इस बारे में अधिक जानकारी नहीं होने पर चिंता जताई थी।
इटली
इटली ने चीन से आ रहे सभी यात्रियों के लिए कोविड एंटीजेन टेस्ट और वायरस सीक्वेंसिंग जरूरी कर दी है। मिलान के मुख्य एयरपोर्ट, मालपेंसा में पहले ही बीजिंग और शंघाई से आ रहे यात्रियों की टेस्टिंग प्रारम्भ कर दी गई है।
ताइवान
ताइवान के केंद्रीय महामारी कमांड सेंटर की ओर से बोला गया है कि चीन से सीधी फ्लाइट या फिर नाव लेकर आ रहे लोगों को ताइवान पहुंचने पर पीसीआर टेस्ट कराना होगा। ताइवान में चीन से आ रहे लोगों की जांच 1 जनवरी से की जाएगी।
ये राष्ट्र चीन पर लगा सकते हैं प्रतिबंध
यूनाइटेड किंगडम
यूके ने चीन से आने वाले यात्रियों पर Covid-19 प्रतिबंध लगाने पर विचार करेगा, जिसमें कि Covid-19 की टेस्ट रिपोर्ट दिखाना शामिल है। द टेलिग्राफ की एक रिपोर्ट में बोला गया है कि परिवहन विभाग, गृह कार्यालय और स्वास्थ्य और सामाजिक देखभाल विभाग के ऑफिसरों से गुरुवार को यह तय करने की आशा है कि ब्रिटेन को चीन से यात्रियों के लिए कोविड प्रतिबंध लगाने में संयुक्त राज्य अमेरिका और इटली का पालन करना चाहिए या नहीं।
ये राष्ट्र रख रहे हालात पर नजर
ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया का बोलना है कि वह चीन से आने वाले यात्रियों के लिए अभी नियमों में किसी भी तरह का परिवर्तन नहीं कर रहा है। ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथोनी अलबनीस ने बोला है कि अभी यात्रा संबंधी नियमों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है, हम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
फिलिपींस
परिवहन सचिव जैम बॉतिस्ता ने बुधवार को बोला कि वह स्थिति को लेकर “बहुत सतर्क” हैं और चीन से आने वाले यात्रियों के लिए टेस्टिंग जैसे तरीकों को लागू कर सकते हैं
जर्मनी
जर्मनी की ओर से भी बोला गया है कि स्वास्थ्य अधिकारी हालात पर नजर रख रहे हैं लेकिन उन्होंने अभी इस तरह के कदम नहीं उठाये हैं।
WHO ने क्या कहा?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रस अधानम घेब्रेयेसस ने हाल में बोला था कि संगठन को चीन में संक्रमण के मामलों की गंभीरता को लेकर और विशेष रूप से वहां अस्पतालों तथा आईसीयू में मरीजों के भर्ती होने के संबंध में और अधिक जानकारी चाहिए होगी ताकि जमीनी स्थिति के समग्र जोखिम का आकलन किया जा सके।
क्या हैं चीन के हालात?
वहीं इस सभी उठापठक के बीच चीन ने मंगलवार को घोषणा की थी कि वह पर्यटन के लिए पासपोर्ट जारी करना फिर प्रारम्भ करेगा। राष्ट्र ने कोविड-19 वायरस को नियंत्रित करने के लिए 2020 से स्वयं को अलग-थलग कर रखा था। सरकार के इस कदम के बाद अगले महीने चंद्र नव साल के मौके पर बड़ी संख्या में चीन के लोग विदेश जाने का अनुमान है।