- दिसंबर 2022 में G-20 समूह का अध्यक्ष बनेगा भारत
- G-20 शिखर सम्मेलन से संबंधित कई कार्यक्रमों का होगा आयोजन
- चीन और पाक ने जताया था विरोध
G-20 in India: विदेश मंत्रालय ने जी-20 की अगले वर्ष हिंदुस्तान की अध्यक्षता में होने वाले शिखर सम्मेलन की कुछ बैठकें जम्मू कश्मीर और लद्दाख में आयोजित करने के प्लान से जुड़ी खबरों पर चीन के विरोध पर गुरुवार को बोला कि इस ग्रुप के ड्राफ्ट के अनुसार राष्ट्र में काफी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा लेकिन इस बारे में अभी अटकलें लगाना ठीक नहीं है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने इसकी जानकारी मीडिया को दी.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बागची ने कहा, “भारत इस वर्ष दिसंबर में जी-20 समूह की अध्यक्षता ग्रहण करेगा और अगले वर्ष राष्ट्र में कई स्तरों पर काफी संख्या में कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा.” चीन के विरोध को लेकर एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बोला कि हमने इस बारे में मीडिया रिपोर्ट देखी है लेकिन इस पर अभी से अटकलें लगाना ठीक नहीं है. यह पूछे जाने पर कि क्या कश्मीर में कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा, प्रवक्ता ने किसी जगह के नाम का न लेते हुए बताया कि हम बड़ी संख्या में कार्यक्रम आयोजित करेंगे.
“हर राष्ट्र अपने ढंग से करता है इसका आयोजन”
बागची ने आगे बोला कि जी-20 शिखर सम्मेलन से संबंधित कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है जिसमें मंत्रिस्तरीय बैठक, सम्पर्क समूह की बैठक, कार्यकारी बैठक आदि शामिल होते हैं । उन्होंने बोला कि इन कार्यक्रमों में कुछ सरकारी स्तर पर तो कुछ गैर सरकारी स्तर पर आयोजित किए जाते हैं. प्रवक्ता ने बोला कि इसको लेकर एक ड्राफ्ट भी होता है और हर राष्ट्र अपने ढंग से भी आयोजन करता है .
चीन ने पाक का लिया था पक्ष
गौरतलब है कि चीन ने जी-20 के नेताओं की अगले वर्ष होने वाली बैठक जम्मू कश्मीर में आयोजित करने की हिंदुस्तान की योजनाओं की खबरों पर पिछले सप्ताह विरोध जताया था । चीन ने अपने करीबी सहयोगी पाक के स्वर में स्वर मिलाते हुए बोला था कि संबंधित पक्षों को मामले को सियासी रंग देने से बचना चाहिए. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने बोला था कि “हमने रिलेवेंट सूचना का संज्ञान लिया है.” उन्होंने बोला था कि जी-20 अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक योगदान के लिए प्रमुख मंच है. हम संबंधित पक्षों का आह्वान करते हैं कि आर्थिक रूप से उबरने पर ध्यान दें , इस प्रासंगिक मामले को सियासी रंग देने से बचें और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक शासन को सुधारने के लिए सकारात्मक सहयोग दें.
क्या जी-20 समूह के सदस्य के नाते चीन बैठक में भाग लेगा, इस प्रश्न पर झाओ ने बोला था, “हम बैठक में शामिल होंगे या नहीं, इस बारे में विचार करेंगे.” पाक ने 25 जून को बोला था कि वह कश्मीर में जी-20 के राष्ट्रों की बैठक के हिंदुस्तान के कोशिश को खारिज करता है और आशा करता है कि समूह के सदस्य राष्ट्र कानून एवं न्याय के जरूरी तत्वों का पूरी तरह संज्ञान लेते हुए इस प्रस्ताव का साफ विरोध करेंगे.