नई दिल्ली: वरिष्ठ बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति से संबंधित कथित मनी लॉन्ड्रिंग मुद्दे में न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बावजूद त्याग-पत्र देने से इनकार करने पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा. त्रिवेदी ने कारावास जाने से पहले बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव के इस्तीफे पर प्रकाश डाला और इसकी तुलना केजरीवाल के रुखसे की.
त्रिवेदी ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा, “लालू प्रसाद यादव ने तब त्याग-पत्र दे दिया था जब वह कारावास जाने वाले थे, लेकिन केजरीवाल ने अभी तक त्याग-पत्र नहीं दिया है.” उन्होंने केजरीवाल की गिरफ्तारी को बीजेपी के नेतृत्व वाली सियासी षड्यंत्र करार देने के लिए विपक्षी दलों की निंदा की और इस बात पर बल दिया कि न्यायालय का निर्णय ठोस सबूतों पर आधारित था. त्रिवेदी ने केजरीवाल के गुरु अन्ना हजारे का भी जिक्र किया, जिन्होंने राजनीति में आने से परहेज किया था. उन्होंने केजरीवाल के एक सामाजिक कार्यकर्ता से दिल्ली के सीएम बनने पर टिप्पणी की.
त्रिवेदी ने शराब नीति मुद्दे में आप की संलिप्तता पर प्रकाश डालते हुए कहा, “ऐसी खबरें हैं कि केजरीवाल ने मुख्य आरोपी विजय नायर का उल्लेख किया है जो आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था.” त्रिवेदी ने यह कहते हुए निष्कर्ष निकाला कि शराब नीति मुद्दे में आप की किरदार साफ होती जा रही है और प्रश्न किया कि क्या केजरीवाल त्याग-पत्र देंगे या नयी सियासी रणनीति अपनाएंगे. उनकी न्यायिक हिरासत के बावजूद, AAP ने पुष्टि की है कि केजरीवाल दिल्ली के सीएम के रूप में अपने कर्तव्यों का पालन करना जारी रखेंगे.