मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बोला है कि स्वस्थ पशुधन के लिए राज्य गवर्नमेंट संकल्पबद्ध है। इसी क्रम में हमारी गवर्नमेंट ने मोबाइल वेटेनरी इकाइयों (हैल्पलाइन नम्बर 1962) की शुरूआत की है। इसके माध्यम से पशुओं को शीघ्र चिकित्सकीय सेवाएं मौजूद होगी और प्रदेश के पशुपालक समृद्ध होंगे।शर्मा शनिवार को ओटीएस स्थित सीएम निवास पर मोबाइल वेटेनरी इकाइयों के लोकार्पण पर आयोजित कार्यक्रम में भाग ले रहे थे। उन्होंने 21 मोबाइल वेटेनरी इकाइयों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इसके अतिरिक्त प्रदेश में जिला स्तर पर आयोजित समारोहों में 159 इकाइयों का लोकार्पण भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने बोला कि प्रत्येक एक लाख पशुओं पर एक मोबाइल वेटनरी यूनिट कार्य करेगी। उन्होंने बोला कि इस योजना के भीतर राज्य स्तरीय कॉल सेंटर की स्थापना भी की जाएगी, जो पशुओं के सामान्य रोगों के इलाज हेतु टेलिमेडिसन प्रबंध एवं पशु प्रबंधन, पोषण आदि के लिए राय भी देगा। काॅल सेंटर के माध्यम से पशुओं का आपात स्थिति में अहमियत से इलाज सुनिश्चित हो सकेगा।शर्मा ने बोला कि हमारी गवर्नमेंट कृषक कल्याण एवं पशुपालकों के भलाई में दूरगामी फैसला कर रही है। गवर्नमेंट ने अपने पहले बजट में ही गौवंश संरक्षण के लिए शेड, खेली का निर्माण तथा दुग्ध, चारा, बांटा संबंधी उपकरण खरीदने के लिए गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के भीतर 1 लाख रुपए तक ब्याजमुक्त कर्ज मौजूद कराने की जरूरी घोषणा की है। इससे पूर्व सीएम ने वकायदा ढंग से गौ पूजन कर कार्यक्रम का शुरुआत किया।
1600 तकनीकी व्यक्तियों को मिलेगा रोजगार
मुख्यमंत्री ने बोला कि प्रत्येक ब्लाॅक में मोबाइल इकाइयों द्वारा पशु चिकित्सा शिविरों का आयोजन कर पशुपालकों को लाभान्वित भी किया जाएगा। प्रत्येक ब्लॉक में एक मोबाइल वेटनरी यूनिट के लिए एक पशु चिकित्सक, एक तकनीकी पशु चिकित्साकर्मी एवं एक ड्राइवर कम पशु परिचारक होंगे। इससे लगभग 1600 तकनीकी व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा।