दिल्ली; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए की बैठक को संबोधित किया। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के होटल अशोका में आयोजित बैठक में एनडीए के 38 घटक दलों के नेता उपस्थित थे। प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने बैठक को संबोधित करते हुए बोला कि NDA अटलजी की विरासत है जो हमें जोड़े हुए है। पीएम ने बोला कि NDA के निर्माण में आडवाणीजी ने भी बहुत अहम किरदार निभाई थी और वो आज भी हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं…हाल ही में NDA के गठन के 25 वर्ष पूरे हुए हैं, ये 25 साल राष्ट्र की प्रगति को गति देने और क्षेत्रीय आकांक्षाओं को पूरा करने के रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बोला कि हम जब विपक्ष में थे तब भी हमने सकारात्मक राजनीति की, हमने कभी नकारात्मक राजनीति नहीं की। हमने विपक्ष में रहकर सरकारों का विरोध किया, उनके घोटालों को सामने लाए लेकिन जनादेश का अपमान नहीं किया और न ही विदेशी ताकतों की सहायता मांगी।
PM ने विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधते हुए बोला कि जब गठबंधन सत्ता की विवशता से होता है, जब गठबंधन करप्शन के इरादे से हो, जब गठबंधन परिवारवाद की नीति पर आधारित हो, जब गठबंधन जातिवाद और क्षेत्रवाद को ध्यान में रखकर किया जाता है… तो वह गठबंधन राष्ट्र को बहुत हानि पहुंचाता है… प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने बोला कि NDA का मतलब है N-न्यू इंडिया, D- विकसित राष्ट्र, A- लोगों की आकांक्षा। आज युवा, महिलाएं, मध्यम वर्ग, दलित और वंचितों को NDA पर भरोसा है।
प्रधानमंत्री ने बोला कि हम सिर्फ आज की जरूरतों के लिए काम नहीं कर रहे हैं, हम आने वाली पीड़ियों के भविष्य को भी सुरक्षित बना रहे हैं…हम विकास भी कर रहे हैं और विरासत को भी सहेज रहे हैं, हम मेक इन इण्डिया पर भी बल दे रहे हैं और पर्यावरण की रक्षा भी कर रहे हैं, हमारी नीयत साफ है, नीति साफ है और फैसला ठोस है।
PM ने बोला कि राजनीति में प्रतिस्पर्धा हो सकती है लेकिन शत्रुता नहीं होती लेकिन आज विपक्ष ने अपनी एक ही पहचान बना ली है, हमें गाली देना, हमें नीचा दिखाना। बावजूद इसके हमने राष्ट्र को दलों के भलाई से ऊपर रखा है। यह NDA गवर्नमेंट ही है जिसने प्रणब मुखर्जी को हिंदुस्तान रत्न दिया, हमने मुलायम सिंह यादव, शरद पवार, गुलाम नबी आज़ाद जैसे अनेक नेताओं को पद्म सम्मान दिया।
INDIA गठबंधन पर निशाना साधते हुए प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने बोला कि जनता देख रही है कि ये पार्टियां क्यों इकट्ठा हो रही हैं? जनता ये भी जान रही है कि ऐसा कौन सा गोंद है जो इन पार्टियों को जोड़ रहा है। किस तरह छोटे-छोटे स्वार्थ के लिए मूल्यों और सिद्धांतों से समझोता किया जा रहा है।