नई दिल्ली, 3 मई (आईएएनएस). केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मालदीव के रक्षा मंत्री ने दोनों राष्ट्रों के बीच चल रहे रक्षा योगदान में हुई प्रगति का स्वागत किया है.
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह वर्तमान में मालदीव की रक्षा मंत्री मारिया दीदी के निमंत्रण पर द्वीप देश की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं.
रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को एक संयुक्त बयान जारी किया. बयान के अनुसार, दोनों मंत्रियों ने रक्षा योगदान बढ़ाने एवं हिंदुस्तान और मालदीव के बीच दीर्घकालिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए द्विपक्षीय वार्ता की.
दोनों नेताओं ने आपसी चिंता के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों पर विस्तृत रेंज पर वार्ता की. इस बीच उन्होंने रक्षा और सुरक्षा क्षेत्रों में अपने योगदान को और बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की.
मंत्रालय के अनुसार, राजनाथ सिंह और दीदी ने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के महत्व की पुष्टि की है. इसके अतिरिक्त उन्होंने आम सुरक्षा चुनौतियों का निवारण करने के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता पर भी ध्यान दिया.
बयान के मुताबिक, उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय कानून और नियम-आधारित प्रबंध का सम्मान करने के महत्व को रेखांकित किया एवं इन सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की.
मंत्रियों ने रक्षा व्यापार, क्षमता निर्माण और संयुक्त अभ्यास के क्षेत्रों सहित योगदान के लिए अतिरिक्त रास्ते तलाशने पर भी सहमति व्यक्त की, साथ ही दोनों राष्ट्रों के सशस्त्र बलों के बीच जनता से जनता के संपर्क और आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर चर्चा की.
राजनाथ सिंह ने मंगलवार को मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह से शिष्टाचार मुलाकात की और वह विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद से भी मिले.
इसके बाद राजनाथ सिंह और मालदीव की रक्षा मंत्री ने राष्ट्रपति सोलिह की उपस्थिति में हुरावी के लिए प्रतिस्थापन जहाज को चालू करने के लिए एक कार्यक्रम में भाग लिया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोलिह की हाल की हिंदुस्तान यात्रा के दौरान पुराने हुरावी के लिए प्रतिस्थापन जहाज के प्रावधान की घोषणा की थी.
राजनाथ सिंह ने मालदीव नेशनल डिफेंस फोर्स (एमएनडीएफ) को एक अतिरिक्त लैंडिंग क्राफ्ट भी उपहार में दिया. इस यात्रा में राजनाथ सिंह और मंत्री दीदी द्वारा एमएनडीएफ रक्षक एकथा हार्बर की आधारशिला रखी गई.
कोस्टगार्ड हार्बर का विकास और सिफावरू में मरम्मत की सुविधा हिंदुस्तान की सबसे बड़ी आर्थिक सहायता सहायता परियोजनाओं में से एक है.