नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल संजय महेंद्रु ने भारत में सेना हथियारों के निर्माण पर जोर दिया है. उन्होंने मंगलवार को बोला कि रूस-यूक्रेन युद्ध ने रक्षा विनिर्माण के स्वदेशीकरण की हिंदुस्तान की जरूरत को रेखांकित किया है. दोनों राष्ट्रों के बीच एक वर्ष से भी जारी युद्ध के कारण रूस से मंगाए जाने वाले जरूरी उपकरणों की उपलब्धता में देरी हो रही है. ऐसे में हमें इनके स्वदेशीकरण की अहमियत समझनी चाहिए.
भारत में हथियारों की उपलब्धता पर रूस-यूक्रेन युद्ध का असर
कोलकाता में नौसैनिक उड्डयन उद्योग के स्वदेशीकरण के लिए एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने ये बयान दिए. संजय महेंद्रु ने बोला कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग का नुकसानदायक प्रभाव हमारे हथियारों के लिए उपकरणों की उपलब्धता पर पड़ा है. इसके अलावा, राष्ट्र की सुरक्षा को अपने सर्वोच्च स्तर पर बनाए रखने के लिए हमारीकई योजनाएं इस अभूतपूर्व स्थिति के कारण बाधित या विलंबित हुई हैं.
अपने संबोधन के दौरान नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल संजय महिंद्रा ने अमेरिका के नेतृत्व में पश्चिमी राष्ट्रों द्वारा रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों का भी जिक्र किया. उन्होंने बोला कि इन प्रतिबंधों के कारण भारतीय रक्षा बलों के लिए हथियार और उपकरणों की अनउपलब्धता को और बढ़ा दिया है.