मुंबई: श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से राष्ट्र की अर्थव्यवस्था में एक नया अध्याय मजबूती से जुड़ गया है और जिसके तेज़ी से राष्ट्र भर में विस्तार होने की बड़ी संभावनाएं दिखाई दे रही है। व्यापार महासंघ ‘कैट’ के एक अनुमान के मुताबिक श्रीराम मंदिर के कारण राष्ट्र में लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपए का बड़ा कारोबार हुआ, जिसमें अकेले मुंबई में लगभग 20,000 करोड़ रुपए तथा महाराष्ट्र में कुल मिलाकर लगभग 35,000 करोड़ रुपए का सामान एवं सेवाओं के जरिये व्यापार हुआ।
छोटे व्यापारियों एवं लघु उद्यमियों को मिला लाभ
व्यापारियों के शीर्ष संगठन ‘कैट’ के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बोला कि राष्ट्र में यह पहली बार हुआ जब आस्था एवं भक्ति के कारण इतने बड़ा पैसा व्यापार के जरिए राष्ट्र के बाज़ारों में आया और विशेष बात यह है कि यह सारा व्यापार छोटे व्यापारियों एवं लघु उद्यमियों द्वारा किया गया, जिसके कारण यह पैसा व्यापार में आर्थिक तरलता को बढ़ाएगा। श्रीराम मंदिर की वजह से राष्ट्र में नये व्यापार के अनेक अवसर मिले हैं वहीं बड़े पैमाने पर लोगों को रोज़गार भी मिलेगा। अब समय आ गया है जब एंटरप्रेन्योर एवं स्टार्टअप्स को व्यापार में नये आयाम जोड़ने की कवायद करनी चाहिए।
इन वस्तुओं की हुई जबरदस्त बिक्री
महासंघ के प्रदेश महामंत्री शंकर ठक्कर ने कहा कि राष्ट्र भर में करोड़ों की संख्या में श्रीराम मंदिर के मॉडल, माला, लटकन, चूड़ी, बिंदी, कड़े, राम ध्वज, राम पटके, राम टोपी, राम पेंटिंग, राम दरबार के चित्र, श्रीराम मंदिर के चित्र, टी-शर्ट, वस्त्र, साड़ियां आदि की भी जबरदस्त बिक्री हुई। राष्ट्र भर में पंडितों एवं ब्राह्मणों को भी बड़े पैमाने पर आय हुई। करोड़ों किलों मिठाई एवं ड्राई फ्रूट की प्रसाद के रूप में बिक्री की गई। करोड़ रुपयों के सोने एवं चांदी के सिक्के, राम मंदिर मॉडल, यह सब आस्था और भक्ति के सागर में डूबे लोगों द्वारा किया गया और राष्ट्र भर में ऐसा अद्भुत नजारा पहले कभी देखने को नहीं मिला। राष्ट्र भर में पटाखों, मिट्टी के दीपक, पीतल एवं अन्य वस्तुओं से बने दीपक की भी खूब बिक्री हुई। उन्होंने बोला कि आने वाले समय में लोग उपहार के रूप में श्रीराम मंदिर के मॉडल देंगे, ऐसी बड़ी आसार दिखाई देती है। शादियों में अतिथियों को श्रीराम मंदिर उपहार के रूप में देने की आरंभ हो ही चुकी है।
डेढ़ लाख से ज़्यादा कार्यक्रम आयोजित
महासंघ के महाराष्ट्र वरिष्ठ अध्यक्ष महेश बखाई ने कहा कि ‘कैट’ के ‘हर शहर अयोध्या-हर घर अयोध्या’ राष्ट्रीय अभियान के भीतर 1 जनवरी से लेकर 22 जनवरी तक राष्ट्र के 30 हज़ार से ज़्यादा छोटे-बड़े व्यापारिक संगठनों ने राष्ट्र भर में डेढ़ लाख से ज़्यादा कार्यक्रम आयोजित किए। जिसमें अकेले 22 जनवरी को एक लाख से ज़्यादा आयोजन हुए। साथ ही राष्ट्र भर में 40 हज़ार से अधिक भंडारे व्यापारियों ने आयोजित किए। श्रीराम के प्रति राष्ट्र के 9 करोड़ से अधिक व्यापारियों की आस्था और विश्वास को अभिव्यक्त करने के लिए कैट ने सनशाइन फाउंडेशन के साथ मिलकर एक मधुर गीत ‘हर साज में राम बजे, हर घर में अयोध्या सजे, यह संकल्प उठाना है, श्री राम को घर-घर लाना है’ को भी रिलीज किया।