नौसेना प्रमुख एडमिरल आर। हरि कुमार ने शुक्रवार को बोला कि मालदीव और पाक सहित हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में चीन की गतिविधियों पर हिंदुस्तान की पूरी नजर है। आईओआर में नौसैनिक शक्ति के रूप में क्षेत्रीय ताकतों को बनाए रखने के लिए हिंदुस्तान के जहाज, पनडुब्बियां, विमान, यूएवी तैनात हैं। उन्होंने नौसेना में बढ़ती अग्निवीरों की संख्या के बारे में कहा कि आईएनएस चिल्का में अग्निवीरों के तीसरे बैच के शामिल होने के साथ स्त्री अग्निवीरों की कुल ताकत अब 1000 का आंकड़ा पार कर गई है।
भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार आज दिल्ली में नौसेना दिवस प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस से पूर्व 10 क्षेत्रीय भाषाओं में नौसेना इतिहास की पुस्तकों का विमोचन किया। भारतीय नौसेना ने पिछले वर्ष नौसैनिक ध्वज में परिवर्तन सहित बल में औपनिवेशिक और पुरातन प्रथाओं को हटाने के लिए उठाए गए कदमों की सूची भी दी। नौसेना प्रमुख एडमिरल कुमार ने बोला कि हमारी इकाइयां हमारे राष्ट्रीय हितों की रक्षा को और बढ़ावा देने के लिए हिंद महासागर क्षेत्र और उससे परे तैनात हैं। नौसेना युद्ध के लिए तैयार विश्वसनीय, एकजुट और भविष्य की चुनौतियों का मुकाबला करने लायक बनी हुई है।
नौसेना में शामिल होने वाले अग्निवीरों के बारे में प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि अग्निवीरों का पहला बैच इस वर्ष मार्च में प्रमुख प्रशिक्षण प्रतिष्ठान आईएनएस चिल्का से स्नातक हुआ। अग्निवीरों के इस बैच में 272 स्त्री प्रशिक्षु शामिल थीं और इससे भी आगे बढ़ते हुए अग्निवीरों के वर्तमान बैच ने कुल 454 महिलाएं हैं। आईएनएस चिल्का में अग्निवीरों के तीसरे बैच के शामिल होने के साथ स्त्री अग्निवीरों की कुल ताकत अब 1000 का आंकड़ा पार कर गई है। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना ने वेस्टर्न कमांड में फास्ट अटैक क्राफ्ट के कैप्टन (सीओ) के रूप में एक स्त्री अधिकारी की नियुक्ति की है लेकिन उन्होंने अभी तक कमान नहीं संभाली है।