दो दिन के विराम के बाद कांग्रेस पार्टी नेता राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ के कोरबा से फिर से हिंदुस्तान जोड़ो इन्साफ यात्रा प्रारम्भ की है। इस दौरान राहुल गांधी ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र गवर्नमेंट पर सोमवार को निशाना साधते हुए दावा किया कि राष्ट्र में लोगों को रोजगार नहीं मिल रहा है और वे महंगाई की मार का सामना कर रहे हैं। उन्होंने हाल में अयोध्या में राम मंदिर उद्घाटन को लेकर भी केंद्र पर निशाना साधा और बोला कि पिछले महीने हुए इस बड़े कार्यक्रम में कोई गरीब, मजदूर या बेरोजगार उपस्थित नहीं था, जबकि सिर्फ़ अडाणी, अंबानी जैसे अरबपति और फिल्मी सितारे ही नजर आए थे।
कोरबा शहर के सीतामढ़ी क्षेत्र से ‘भारत जोड़ो इन्साफ यात्रा’ फिर से शुरू
राहुल गांधी ने सोमवार सुबह छत्तीसगढ़ के कोरबा शहर के सीतामढ़ी क्षेत्र से अपनी ‘भारत जोड़ो इन्साफ यात्रा’ फिर से प्रारम्भ की और वहां एक जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने लोगों से जागने की अपील की और दावा किया कि लोगों की जेब पर डाका डाला जा रहा है और उन्हें गुमराह किया जा रहा है। जनसभा को संबोधित करते हुए गांधी ने बोला कि राष्ट्र में पिछड़े, दलित और आदिवासी 74 प्रतिशत हैं, लेकिन इन समुदायों का एक भी आदमी हिंदुस्तान की उन शीर्ष 200 कंपनियों का मालिक या प्रबंधन में शामिल नहीं है जिन्हें राष्ट्र का पूरा पैसा दिया जा रहा है।
क्या आपने राम मंदिर उद्घाटन में किसी गरीब, मजदूर, बेरोजगार को देखा है?
कांग्रेस नेता ने बोला कि भाजपा इसे हिंदू देश कहती है लेकिन राष्ट्र की 74 प्रतिशत जनसंख्या और आम गरीबों को कुछ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा, वे सिर्फ़ थाली, घंटा बजाने, मोबाइल टेलीफोन दिखाने और भूख से मरने के लिए हैं। मुझे बताओ, क्या आपने राम मंदिर उद्घाटन में किसी गरीब, मजदूर, बेरोजगार या छोटे व्यवसायी को देखा है? मैंने सिर्फ़ (गौतम) अदाणी जी, (मुकेश) अंबानी जी, अमिताभ बच्चन समेत फिल्मी सितारों और अन्य बड़े व्यवसायियों को देखा अदाणी जी, अंबानी जी, उनकी पत्नी और बच्चे बड़े-बड़े बयान दे रहे थे।
ये आर्थिक अन्याय है
राहुल गांधी ने इसे आर्थिक अन्याय करार देते हुए बोला कि लोगों को रोजगार नहीं मिल रहा है और महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है, जबकि अडाणी और अंबानी चीन का सामान बेचकर फायदा कमा रहे हैं।